World Cup: गांव से वर्ल्ड कप तक का सफर

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भाई के जूते पहनकर खेलने वाली क्रांति गौड़ लगातार दूसरे विश्व कप में दिखाएंगी दम

स्पोर्ट्स डेस्क: मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम(World Cup) की स्टार तेज गेंदबाज(Fast Bowler) बनने वाली क्रांति गौड़ की कहानी कड़ी मेहनत और अटूट जुनून की मिसाल है। शुरुआती दिनों में घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और पिता की नौकरी छूट जाने के कारण उनके लिए क्रिकेट अकादमी की फीस और रहने का खर्च उठाना नामुमकिन सा हो गया था। इस मुश्किल दौर(Bumpy Ride) में क्रांति की मां ने अपनी सोने की चूड़ियां तक बेच दीं ताकि उनकी बेटी का सपना पूरा हो सके। शुरुआत में पैसों की कमी के कारण भाई के जूते पहनकर खेलने वाली और लड़कों के साथ टेनिस बॉल से फास्ट बॉलिंग सीखने वाली क्रांति को उनके परिवार और कोच राजीव सर ने हर कदम पर सपोर्ट किया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है

हार्दिक पंड्या हैं रोल मॉडल और इंग्लैंड फतह की तैयारी

क्रांति गौड़ भारतीय पुरुष टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को अपना रोल मॉडल मानती हैं और मैदान पर उनकी तरह ही आक्रामक खेल और जश्न मनाने का अंदाज (सेलिब्रेशन) पसंद करती हैं। पिछले विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 में 8 मैचों में 9 विकेट लेकर भारत की तीसरी टॉप विकेट टेकर रहीं क्रांति अब इंग्लैंड में होने वाले आगामी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए काफी मददगार होती हैं और वे वहां अपनी ताकत (स्ट्रेंथ) पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इस बार विश्व कप में उनका मुख्य लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज एलिस पेरी और साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट जैसी सीनियर बल्लेबाजों के विकेट चटकाना है।

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रूढ़ियों को तोड़कर गांव की लड़कियों के लिए बनीं प्रेरणा

क्रांति की इस ऐतिहासिक सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि उनके पूरे गांव की तस्वीर और सोच को बदल कर रख दिया है। एक समय था जब गांव के लोग लड़कियों के क्रिकेट खेलने पर ताने मारते थे और उन्हें बाहर भेजने से डरते थे, लेकिन क्रांति की कामयाबी के बाद अब माता-पिता खुद अपनी बेटियों को पढ़ाई और खेल दोनों के लिए आगे बढ़ा रहे हैं। क्रांति को इस बात पर बेहद गर्व है कि उनकी सफलता से प्रेरित होकर आज उनके अपने छोटे से गांव की करीब 80 लड़कियां मैदान पर उतरकर क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रही हैं और अपने सपनों को सच करने के लिए मेहनत कर रही हैं।

क्रांति गौड़ का विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 में कैसा प्रदर्शन रहा था और आगामी टी-20 वर्ल्ड कप में वे किन बल्लेबाजों को आउट करना चाहती हैं?

उन्हाेंने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 में शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 मैचों में 9 विकेट चटकाए थे और वह भारत की तीसरी सबसे सफल गेंदबाज रही थीं। आगामी टी-20 वर्ल्ड कप में उनका सपना ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी और साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट का विकेट लेना है।

क्रांति के शुरुआती क्रिकेट सफर में उनके परिवार को किन आर्थिक तंगियों और संघर्षों का सामना करना पड़ा?

शुरुआत में क्रांति के पिता की नौकरी चली गई थी, जिससे अकादमी की फीस और रहने का खर्च उठाना मुश्किल हो गया था। उनकी मां ने क्रांति के खेल के लिए अपनी सोने की चूड़ियां तक बेच दी थीं। आर्थिक तंगी के कारण शुरुआत में क्रांति को अपने भाई के जूते पहनकर भी मैच खेलना पड़ा था।

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Dhanarekha

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