शतक और बेहतरीन फॉर्म के बावजूद वर्ल्ड कप टीम से क्यों हुए बाहर?
स्पोर्ट्स डेस्क: यशस्वी(YASHASVI) जायसवाल को टीम से बाहर रखने की सबसे बड़ी वजह टीम कॉम्बिनेशन और ‘विकेटकीपिंग’ विकल्प रही। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के अनुसार, टीम को टॉप ऑर्डर में ऐसे खिलाड़ियों की दरकार थी जो जरूरत पड़ने पर दस्ताने भी संभाल सकें। यही कारण है कि ईशान किशन को बैकअप ओपनर और विकेटकीपर(Wicket Keeper) के रूप में तरजीह दी गई। ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में 500 से ज्यादा रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की थी। अगर यशस्वी बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग भी करते, तो शायद उनका पत्ता नहीं कटता।
अभिषेक शर्मा का उदय: स्ट्राइक रेट और ऑलराउंडर क्षमता पड़ी भारी
यशस्वी(YASHASVI) की जगह को सबसे ज्यादा खतरा अभिषेक शर्मा से मिला। जब यशस्वी टेस्ट और वनडे प्रतिबद्धताओं के कारण टी-20 टीम से दूर थे, तब अभिषेक ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका। अभिषेक ने 188 से अधिक के तूफानी स्ट्राइक रेट से रन बनाए और एशिया कप में ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ रहे। इसके अलावा, अभिषेक की लेफ्ट-आर्म स्पिन बॉलिंग उन्हें यशस्वी(YASHASVI) के मुकाबले एक ‘एडेड एडवांटेज’ (अतिरिक्त लाभ) देती है। टीम मैनेजमेंट ने विस्फोटक बल्लेबाजी और गेंदबाजी के विकल्प को देखते हुए अभिषेक को प्लेइंग-11 के लिए पहली पसंद माना।
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भविष्य की राह: क्या जायसवाल के लिए अभी रास्ते खुले हैं?
भले ही यशस्वी टी-20 वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनके लिए उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं। शुभमन गिल का खराब फॉर्म के कारण बाहर होना यह दर्शाता है कि टीम मैनेजमेंट प्रदर्शन को लेकर सख्त है। यदि कप्तान सूर्यकुमार यादव या अन्य टॉप ऑर्डर बल्लेबाज वर्ल्ड कप में फ्लॉप रहते हैं, तो टूर्नामेंट के बाद यशस्वी(YASHASVI) की वापसी लगभग तय है। फिलहाल वे टेस्ट क्रिकेट में टीम की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन वनडे में उनकी जगह तभी पक्की होगी जब सीनियर खिलाड़ी संन्यास लेंगे या आराम करेंगे।
शुभमन गिल को उप-कप्तान होने के बावजूद वर्ल्ड कप टीम से बाहर क्यों किया गया?
शुभमन गिल को बाहर करने का मुख्य कारण उनका हालिया टी-20 फॉर्म और स्ट्राइक रेट रहा। पिछले 15 टी-20 मैचों में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके और उनका स्ट्राइक रेट 138 से भी कम रहा। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए चयनकर्ताओं ने फॉर्म को पद (उप-कप्तानी) से ऊपर रखा और उनकी जगह बेहतर स्ट्राइक रेट वाले संजू सैमसन को मौका दिया।
रिंकू सिंह का चयन किस आधार पर हुआ और जितेश शर्मा क्यों चूके?
रिंकू सिंह का चयन उनकी विशिष्ट ‘फिनिशिंग स्किल्स’ के कारण हुआ है। चयनकर्ताओं का मानना है कि रिंकू ने दबाव की स्थितियों में मैच खत्म करने की अपनी क्षमता बार-बार साबित की है। जितेश शर्मा को बाहर होना पड़ा क्योंकि टीम में पहले से ही संजू सैमसन और ईशान किशन के रूप में दो विकेटकीपर मौजूद थे। नियमतः टीम को दो विकेटकीपर पर्याप्त लगे, इसलिए जितेश की जगह एक प्रॉपर फिनिशर (रिंकू) को प्राथमिकता दी गई।
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