Crime : नरसिंगी पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बचाया

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नाबालिग
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दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार आरोपी की तलाश जारी

हैदराबाद। नरसिंगी पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बचाया और दो आरोपियों (The accused) को हिरासत में लिया, जिनकी पहचान इमरान और एक नाबालिग लड़के के रूप में हुई। लड़की का पता चलने के बाद उसे चेंगिचेरला से रेस्क्यू किया गया। यह कार्रवाई 17 फरवरी को दर्ज कराए गए गुमशुदगी (disappearance) के मामले के बाद हुई। पुलिस के अनुसार, लड़की पहले एक नाबालिग लड़के से मिली और फिर चारमीनार क्षेत्र में मिलने गई।

एक आरोपी अभी फरार

वहाँ, लड़के और उसके दो साथियों ने उसे एक स्थान पर ले जाकर धमकाया, शराब पिलाई और शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न किया। एक आरोपी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इमरान पहले से आठ अलग-अलग मामलों जैसे चोरी, डकैती और शारीरिक हमले में शामिल रहा है और रेन बाजार पुलिस स्टेशन में उसकी संदिग्ध सूची बनाई गई है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता और सभी आरोपी एक ही समुदाय के हैं।

नाबालिग कानून क्या है?

भारत में नाबालिग (Minor) वह व्यक्ति होता है जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम हो। नाबालिगों से जुड़े मामलों को मुख्य रूप से Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 के तहत देखा जाता है।
इस कानून का उद्देश्य बच्चों को सजा देना नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास करना है।

क्या एक नाबालिग बच्चा अपनी जमीन बेच सकता है?

नहीं।
कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति किसी संपत्ति की खरीद-फरोख्त का कानूनी रूप से वैध अनुबंध (Contract) नहीं कर सकता।

अगर जमीन नाबालिग के नाम है, तो:

  • उसका कानूनी अभिभावक (Guardian) अदालत की अनुमति लेकर ही जमीन बेच सकता है।
  • बिना कोर्ट की अनुमति की गई बिक्री बाद में रद्द की जा सकती है।

यह प्रावधान Indian Contract Act, 1872 और Hindu Minority and Guardianship Act, 1956 के तहत आता है।

नाबालिग को कितनी सजा होती है?

नाबालिग द्वारा किए गए अपराध को तीन श्रेणियों में बांटा जाता है:

  1. छोटा अपराध (Petty Offence)
  2. गंभीर अपराध (Serious Offence)
  3. जघन्य अपराध (Heinous Offence)
  • सामान्यतः नाबालिग को जेल नहीं भेजा जाता।
  • उसे सुधार गृह (Observation Home) या Special Home में अधिकतम 3 साल तक रखा जा सकता है।
  • यदि 16–18 वर्ष का बच्चा जघन्य अपराध (जैसे हत्या, बलात्कार) करता है, तो विशेष परिस्थितियों में उसे वयस्क की तरह भी ट्रायल किया जा सकता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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