कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और कथित कोयला तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। इस कार्रवाई में कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
DCP के ठिकानों पर ईडी की दबिश
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने शांतनु सिन्हा बिस्वास (Shantnu Sinha Biswas) के दो ठिकानों पर छापा मारा है। बिस्वास वर्तमान में कोलकाता पुलिस में डीसीपी पद पर तैनात हैं। जांच एजेंसी पहले भी उन्हें पूछताछ के लिए तलब कर चुकी है, क्योंकि कोयला तस्करी मामले में उनका नाम सामने आया था।
व्यवसायी के घर भी छापेमारी
ईडी की कार्रवाई केवल पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं रही। टीम ने जय कामदार नामक व्यवसायी के आवास पर भी छापा मारा। जानकारी के अनुसार, बेहाला स्थित उनके घर पर पहुंचने पर गेट बंद मिला और अंदर कुत्ता होने के कारण अधिकारियों को करीब 40 मिनट तक बाहर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
कोयला तस्करी केस से जुड़ी कड़ियां
बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई कथित कोयला तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच का हिस्सा है। ईडी इस मामले में पैसों के लेन-देन, प्रभावशाली लोगों की भूमिका और संभावित अवैध कमाई के स्रोतों की गहराई से पड़ताल कर रही है।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी हलचल
राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज होने के बीच इस तरह की कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी खेमे की ओर से जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
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जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ईडी कई दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और बैंक लेन-देन की जांच कर रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
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