नई दिल्ली। मल्लिकार्जुन खड़गे ने नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण को “झूठ का पुलिंदा” करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें तथ्यों की बजाय राजनीतिक बयानबाजी ज्यादा थी।
भाषण की गरिमा पर उठाए सवाल
खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री (PM) ने एक आधिकारिक मंच का इस्तेमाल राजनीतिक भाषण के लिए किया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उनके मुताबिक, इस संबोधन में विपक्ष पर आरोप लगाने के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं उठाया गया।
आचार संहिता उल्लंघन का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने सरकारी मंच का उपयोग कर विरोधियों पर निशाना साधा, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान के सिद्धांतों के विपरीत बताया।
भाषण में कांग्रेस का बार-बार जिक्र
खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई बार कांग्रेस का उल्लेख किया, जबकि महिलाओं जैसे अहम मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत बताया।
महिला आरक्षण पर सरकार को घेरा
महिला आरक्षण के मुद्दे पर खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा इस दिशा में काम किया है। उन्होंने 2010 में राज्यसभा में पारित बिल का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार को तुरंत 33% आरक्षण लागू करना चाहिए और इसे परिसीमन के नाम पर टालना नहीं चाहिए।
कांग्रेस की उपलब्धियों का किया जिक्र
खड़गे ने अपनी पार्टी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए हरित क्रांति, सूचना का अधिकार, मनरेगा और खाद्य सुरक्षा जैसे कानूनों को कांग्रेस की देन बताया। उन्होंने कहा कि ये कदम आम जनता के हित में उठाए गए थे।
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महंगाई और अर्थव्यवस्था पर भी सवाल
अंत में खड़गे ने सरकार पर महंगाई और अर्थव्यवस्था को संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सरकार बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाई है।
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