National- उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का श्रीलंका दौरा, सहयोग को मिलेगा नया आयाम

Read Time:  1 min
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली,। सीपी राधाकृष्णन रविवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर श्रीलंका के लिए रवाना हुए। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका (Sri Lanka) की पहली द्विपक्षीय आधिकारिक यात्रा है, जो भारत-श्रीलंका संबंधों में बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से होगी अहम मुलाकात

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Social Media Platform X) पर जानकारी देते हुए बताया कि दौरे के दौरान वे अनुरा कुमारा दिसानायका से मुलाकात करेंगे और हरिणी अमरासुरिया के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, विकास परियोजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

भारतीय आवास परियोजना का तीसरा चरण प्रमुख आकर्षण

दौरे का एक मुख्य आकर्षण भारत सरकार की सहायता से संचालित भारतीय आवास परियोजना (Indian Housing Project) का तीसरा चरण है। इसके तहत बनाए गए मकानों को तमिल समुदाय के लाभार्थियों को सौंपा जाएगा। इस चरण के पूरा होने के साथ कुल 50,000 आवास तैयार हो जाएंगे, जबकि चौथे चरण में 10,000 अतिरिक्त मकानों का निर्माण जारी है।

कोलंबो और नुवारा एलिया में कार्यक्रम

उपराष्ट्रपति कोलंबो में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करेंगे और एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके अलावा वे नुवारा एलिया का दौरा कर परियोजना स्थलों का निरीक्षण करेंगे और स्थानीय तमिल समुदाय से संवाद करेंगे।

तमिल समुदाय के लिए महत्वपूर्ण पहल

गौरतलब है कि श्रीलंका की कुल आबादी में भारतीय मूल के तमिलों की संख्या करीब 16 लाख है, जो लगभग 7 प्रतिशत है। ऐसे में यह दौरा सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उच्चस्तरीय आदान-प्रदान से बढ़ी नजदीकियां

यह यात्रा हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच बढ़े उच्चस्तरीय आदान-प्रदान का हिस्सा है। इससे पहले राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री हरिणी अमरासुरिया की प्रस्तावित भारत यात्रा ने भी संबंधों को नई दिशा दी है।

अन्य पढ़े: IT सेक्टर में बड़ा झटका, 3 महीनों में 80 हजार छंटनी

रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

उम्मीद जताई जा रही है कि यह दौरा भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-स्तर के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगा।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।