हैदराबाद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), निजामाबाद (Nizamabad) रेंज के अधिकारियों ने सोमवार को कामारेड्डी नगरपालिका के आयुक्त कार्यालय में आकस्मिक जांच की और अभिलेखों तथा कार्यालय के कार्यों की समीक्षा के दौरान कई प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताएँ उजागर कीं। जांच के दौरान एसीबी अधिकारियों ने पाया कि वर्ष 2025–26 में अवैध निर्माण से संबंधित 47 शिकायतें प्राप्त हुई थीं और अधिकांश मामलों में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि वर्ष 2025–26 के दौरान 400 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने अपने व्यापार लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया, जिसके कारण नगरपालिका को लगभग 1 करोड़ रुपये की बकाया राशि (outstanding amount) प्राप्त नहीं हो सकी।
कई विसंगतियाँ पाई गईं
मैदानी सत्यापन के दौरान संपत्ति कर निर्धारण में भी कई विसंगतियाँ पाई गईं, जिससे सरकार को राजस्व हानि होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त जांच में यह भी पाया गया कि नगरपालिका अधिकारियों के ईंधन व्यय के लिए प्रति माह लगभग 12.4लाख रुपये आवंटित किए जाते हैं, लेकिन इसके संबंध में पर्याप्त दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण आगे सत्यापन की आवश्यकता है। एक अन्य अनियमितता में यह पाया गया कि कुछ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की कुछ दिनों की अनुपस्थिति के बावजूद भुगतान अभिलेखों में उन्हें पूरे महीने का वेतन दिया गया दर्शाया गया है। अधिकारियों ने भवन अनुमति प्रक्रियाओं में भी देरी पाई। दिसंबर 2025 से अब तक प्राप्त 169 आवेदनों में से 18 आवेदन निर्धारित 21 दिनों की समय सीमा से अधिक समय तक लंबित रहे।
अनियमितताओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि इन सभी अनियमितताओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी और संबंधित नगरपालिका अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। एसीबी ने नागरिकों से भ्रष्टाचार की सूचना देने के लिए अपनी टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क करने का आग्रह भी किया है।
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