Hyderaabad : नार्म में मत्स्य क्षेत्र के स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला

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कार्यशाला
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हैदराबाद। राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (नार्म) में सोमवार से ”मत्स्य क्षेत्र में अकादमिक-उद्योग सहयोग को सुदृढ़ करना” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला (Workshop) प्रारम्भ हुई। मुख्य अतिथि बी. के. बेहरा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, ने मत्स्य क्षेत्र में स्टार्ट-अप के विशाल अवसरों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से सरकारी वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाकर रोजगार सृजन करने का आह्वान किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य अकादमिक अनुसंधान और व्यावसायिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करना है। इसके लिए सहयोगात्मक अनुसंधान, पाठ्यक्रम विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और स्टार्ट-अप (Start-up) इनक्यूबेशन को बढ़ावा दिया जाएगा।

पैनल चर्चाएँ आयोजित की जा रही

पी. ई. विजय आनंद, इंडिया लीड, सोया एक्सीलेंस सेंटर, ने मत्स्य विज्ञान के पाठ्यक्रम में व्यवसाय और उद्यमिता कौशल को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मानित अतिथि के. आर. श्रीनाथ, महानिदेशक, फिशरी सर्वे ऑफ इंडिया ने कहा कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में मानकों, प्रमाणन तथा उत्पादन प्रौद्योगिकियों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेंगे। कार्यक्रम में ”भारत में मत्स्य विज्ञान पाठ्यक्रम पर कार्यशाला पुस्तिका” शीर्षक से एक प्रकाशन का विमोचन भी किया गया। इस कार्यशाला में अकादमिक-उद्योग समन्वय, मत्स्य अर्थशास्त्र, जलीय कृषि, जलीय पशु स्वास्थ्य तथा संसाधन प्रबंधन जैसे विषयों पर पैनल चर्चाएँ आयोजित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य इस क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करना है।

राष्ट्रीय कार्यशाला क्या है?

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऐसा कार्यक्रम जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से विशेषज्ञ, अधिकारी, शिक्षक या प्रतिभागी किसी विशेष विषय पर चर्चा, प्रशिक्षण और विचार-विमर्श करने के लिए एकत्र होते हैं, उसे राष्ट्रीय कार्यशाला कहा जाता है। इसका उद्देश्य ज्ञान साझा करना, नई जानकारी देना और किसी विषय पर बेहतर समाधान या सुझाव तैयार करना होता है।

कार्यशाला का अर्थ क्या है?

कार्यशाला का अर्थ ऐसा प्रशिक्षण या शिक्षण कार्यक्रम होता है, जिसमें लोग किसी विषय को सीखने, समझने और उस पर अभ्यास करने के लिए एक साथ भाग लेते हैं। इसमें विशेषज्ञ प्रतिभागियों को जानकारी देते हैं, चर्चा होती है और कई बार व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाता है, ताकि प्रतिभागी उस विषय को बेहतर तरीके से समझ सकें।

राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का क्या अर्थ है?

राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का मतलब वह कार्यशाला होती है जिसमें पूरे देश से प्रतिभागी भाग लेते हैं। इसमें किसी महत्वपूर्ण विषय पर विशेषज्ञों, अधिकारियों और शोधकर्ताओं के बीच विचारों का आदान-प्रदान किया जाता है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पूरे देश में ज्ञान, अनुभव और नई नीतियों या तरीकों को साझा करना होता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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