चौथे वित्तीय वर्ष में राजस्व के क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का सर्वाधिक 21,211.92 करोड़ रुपये का सकल उत्पत्ति राजस्व दर्ज कर नई ऊंचाइयों को छुआ है। यह उपलब्धि जोन की स्थापना के बाद से सबसे बड़ी है। टीम एससीआर के समर्पित प्रयासों के चलते लगातार चौथे वित्तीय वर्ष में राजस्व के क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) की तुलना में वर्ष 2025-26 में 3.12% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो माल और यात्री दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है। विशेष रूप से माल ढुलाई पर दिए गए जोर ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 147.87 मिलियन टन माल लोडिंग (Loading) के साथ एससीआर ने 13,835.27 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
5,714.83 करोड़ रुपये के पिछले सर्वश्रेष्ठ आंकड़े से 9.11% अधिक
यह उपलब्धि विभिन्न माल परिवहन धाराओं के विस्तार के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। इसके अतिरिक्त, एससीआर ने यात्री खंड में भी रिकॉर्ड 6,235.37 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो वर्ष 2024-25 के 5,714.83 करोड़ रुपये के पिछले सर्वश्रेष्ठ आंकड़े से 9.11% अधिक है। इस उपलब्धि के साथ ही रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य को 1.42% से अधिक हासिल किया गया। वर्ष 2025-26 में 286.44 मिलियन यात्रियों को सेवा प्रदान कर यह राजस्व प्राप्त हुआ। अन्य कोचिंग खंड में भी एससीआर ने 515.18 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जिसमें पार्सल आय, टिकट जांच दंड, कोच बुकिंग आदि शामिल हैं।
626.10 करोड़ रुपये का दर्ज किया गया राजस्व
इसके साथ ही विविध आय के अंतर्गत 626.10 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 36.98% अधिक है। इसमें पार्किंग, कैटरिंग, गैर-किराया राजस्व, पे एंड यूज शौचालय, रिटायरिंग रूम आदि शामिल हैं। दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मील का पत्थर टीम एससीआर की सामूहिक प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने भविष्य में भी नवाचार, दक्षता में सुधार और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ इस प्रगति को बनाए रखने पर जोर दिया।
दक्षिण मध्य रेलवे कौन सा है?
भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण ज़ोन South Central Railway कहलाता है। इसका मुख्यालय सिकंदराबाद में स्थित है और यह तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक के कुछ हिस्सों में रेल सेवाएं संचालित करता है। यह ज़ोन यात्री और माल परिवहन दोनों में अहम भूमिका निभाता है और दक्षिण भारत के प्रमुख रेल नेटवर्क में शामिल है।
DRM बनने के लिए क्या करना चाहिए?
डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) बनने के लिए पहले भारतीय रेलवे की उच्च सेवाओं में चयन होना जरूरी है। इसके लिए UPSC की परीक्षा पास करके Indian Railway Management Service (IRMS) या संबंधित सेवाओं में अधिकारी बनना पड़ता है। कई वर्षों का अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और पदोन्नति के बाद ही DRM जैसे उच्च पद पर नियुक्ति मिलती है।
भारत का सबसे डरावना रेलवे स्टेशन कौन सा है?
“सबसे डरावना” रेलवे स्टेशन कोई आधिकारिक श्रेणी नहीं है, लेकिन लोककथाओं और कहानियों के आधार पर बेगुनकोदर रेलवे स्टेशन (पश्चिम बंगाल) को अक्सर ऐसा कहा जाता है। लोगों के अनुसार यहां पहले अजीब घटनाएं होने की बातें सामने आई थीं, हालांकि इन दावों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। आज यह स्टेशन सामान्य रूप से चालू है और यात्री यहां से यात्रा करते हैं।
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