भाजपा प्रत्याशी की आत्महत्या को लेकर मचा बवाल
हैदराबाद। मंगलवार को हैदराबाद (Hyderabad) स्थित डीजीपी कार्यालय (DGP Office) के पास तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मकथल नगर पालिका चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी की आत्महत्या के विरोध में कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स को धक्का देते हुए कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोकने पर दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और उन्हें पास के पुलिस थाने ले जाया गया।

वार्ड नंबर–6 का चुनाव अस्थायी रूप से रद्द
भाजपा नेतृत्व ने मत्स्य मंत्री वकटि श्रीहरि पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा किए गए कथित उत्पीड़न के कारण पार्टी प्रत्याशी महादेवप्पा ने चुनाव के दौरान आत्महत्या की। इस बीच, डीजीपी शिवधर रेड्डी ने एक अलग बयान में पुष्टि की कि मकथल में भाजपा प्रत्याशी की आत्महत्या के संबंध में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। उन्होंने बताया कि महादेवप्पा ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। मकथल नगर के मुख्य केंद्र में चुनाव अधिकारी श्रीराम ने घोषणा की कि भाजपा प्रत्याशी के निधन के कारण वार्ड नंबर–6 का चुनाव अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है।

भाजपा कांग्रेस के खिलाफ शुरू करेगी आंदोलन
वहीं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महादेवप्पा की मौत को आत्महत्या नहीं बल्कि कांग्रेस द्वारा की गई हत्या माना जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर नगर निकाय चुनाव में हार के डर से धमकी और दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया। बंड़ी संजय ने कहा कि नगर निकाय चुनावों के बाद भाजपा कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का दमन के खिलाफ संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है। अब समय आ गया है कि भाजपा कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आगे बढ़े।
डीजीपी का मुख्यालय कहाँ है?
राज्य पुलिस का सर्वोच्च अधिकारी जिस कार्यालय से पूरे पुलिस बल का संचालन करता है, वही डीजीपी का मुख्यालय कहलाता है। यह मुख्यालय आमतौर पर राज्य की राजधानी में स्थित होता है। उदाहरण के तौर पर तेलंगाना में डीजीपी का मुख्यालय हैदराबाद में है। यहीं से कानून-व्यवस्था, पुलिस नीतियों, तबादलों और वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से पूरे राज्य की पुलिस व्यवस्था को नियंत्रित और निर्देशित किया जाता है।
पुलिस को कौन सस्पेंड कर सकता है?
निलंबन का अधिकार पुलिस अधिकारी के पद और सेवा नियमों पर निर्भर करता है। सामान्यतः कांस्टेबल या सब-इंस्पेक्टर को उनके वरिष्ठ अधिकारी जैसे एसपी या डीसीपी सस्पेंड कर सकते हैं। आईपीएस अधिकारियों को राज्य सरकार या गृह विभाग के आदेश से निलंबित किया जाता है। गंभीर मामलों में मुख्यमंत्री या सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी आवश्यक होती है। निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई होती है, न कि अंतिम सजा।
DGP या IAS कौन अधिक शक्तिशाली है?
शक्ति की तुलना पद और परिस्थिति पर निर्भर करती है। डीजीपी राज्य पुलिस का प्रमुख होता है और कानून-व्यवस्था पर उसका सीधा नियंत्रण रहता है। वहीं आईएएस अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष पर होते हैं और नीति निर्माण, राजस्व व शासन संचालन में व्यापक अधिकार रखते हैं। व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो आईएएस की प्रशासनिक शक्ति अधिक व्यापक मानी जाती है, जबकि डीजीपी की शक्ति पुलिस तंत्र तक सीमित रहती है।
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