हैदराबाद। तेलंगाना वूमेन सेफ्टी विंग ने सोमवार को “डिजिटल डिग्निटी एंड रिस्पेक्ट – ऑनलाइन हरासमेंट” विषय पर एक इंटरएक्टिव जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Program) का आयोजन किया। यह कार्यक्रम लकड़ी का पुल स्थित डीजीपी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘स्टैंड विद हर’ अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों के करीब 200 छात्रों ने भाग लिया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस दौरान वूमेन सेफ्टी विंग (Women’s Safety Wing) के महानिदेशक, उप महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित जेंडर सेंसिटाइजेशन और साइबर जागरूकता के विशेषज्ञ मौजूद रहे।
छात्रों को साइबर सुरक्षा और कानूनों की दी जानकारी
कार्यक्रम में जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार पर विशेष जोर दिया गया। इसमें डिजिटल गरिमा के तहत ऑनलाइन निजता, सहमति और व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान, डिजिटल सहानुभूति के तहत ऑनलाइन व्यवहार के भावनात्मक प्रभाव को समझना और डिजिटल सम्मान के तहत सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने साइबर स्टॉकिंग, ट्रोलिंग, बुलिंग, डॉक्सिंग और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी ऑनलाइन उत्पीड़न की विभिन्न घटनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही छात्रों को साइबर कानूनों और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया और साइबर क्राइम पोर्टल व पुलिस हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के तरीकों की जानकारी दी गई।
सुरक्षित डिजिटल माहौल के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक ने छात्रों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने, ऑनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने और पीड़ितों का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि चुप्पी उत्पीड़न को बढ़ावा देती है और सुरक्षित डिजिटल माहौल के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अपने अनुभव और शंकाएं साझा कीं। वूमेन सेफ्टी विंग ने युवाओं में डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
तेलंगाना की बुलेट लेडी कौन है?
यह उपनाम आमतौर पर Rachakonda Maheshwari से जोड़ा जाता है, जो तेलंगाना पुलिस में अपनी सख्त कार्यशैली और महिला सुरक्षा के प्रति सक्रिय भूमिका के लिए जानी जाती हैं। उन्हें “बुलेट लेडी” इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे तेज कार्रवाई, सख्त कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ कड़ी छवि के लिए प्रसिद्ध हुईं। हालांकि अलग-अलग संदर्भों में यह नाम अन्य महिला अधिकारियों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
महिला सुरक्षा पर 10 पंक्तियाँ क्या हैं?
महिला सुरक्षा समाज की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
हर महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है।
सरकार और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए जागरूक होना जरूरी है।
शिक्षा और जागरूकता से अपराध कम किए जा सकते हैं।
समाज में समानता और सम्मान का माहौल बनाना चाहिए।
कानून का सख्ती से पालन होना जरूरी है।
महिलाओं के खिलाफ अपराध पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं की रक्षा करें।
सुरक्षित समाज ही एक विकसित राष्ट्र की पहचान होता है।
तेलंगाना आंदोलन में महिलाओं ने क्या भूमिका निभाई?
राज्य गठन के आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी काफी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने रैलियों, धरनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आंदोलन को मजबूत किया। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं ने सक्रिय रूप से अपनी आवाज उठाई और सामाजिक समर्थन जुटाया। कई महिला संगठनों ने आंदोलन को दिशा देने में योगदान दिया। उनकी भागीदारी ने आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
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