हैदराबाद। साइबराबाद पुलिस ने उन मामलों को गंभीरता से लिया है, जहां बच्चों को महात्मा गांधी की वेशभूषा पहनाकर सड़कों, ट्रैफिक सिग्नल (Signals) और सार्वजनिक स्थलों पर भिक्षाटन के लिए मजबूर किया जा रहा था। हाल ही में, साइबर टावर जंक्शन पर भिक्षाटन करते पांच नाबालिग लड़कों को बचाया (Rescued) गया।
माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज
जांच के बाद, माधापुर पुलिस स्टेशन में उनके माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया, क्योंकि वे बार-बार बच्चों को सड़कों पर भिक्षाटन के लिए भेज रहे थे। माता-पिता को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। यह साइबराबाद में पहली बार है जब बच्चों को भिक्षाटन के लिए मजबूर करने वाले माता-पिता के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की गई है।
जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
साइबराबाद पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे कृत्य बच्चों के अधिकारों, गरिमा और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन हैं। बच्चों को भिक्षाटन के लिए मजबूर करना उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, विशेषकर उच्च-ट्रैफिक क्षेत्रों में। महिला एवं बाल सुरक्षा विंग की उप-आयुक्त एस. सुजना कर्णम ने कहा कि ऐसे किसी भी मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित बच्चों को बचाने, सुरक्षित रखने और परामर्श देने के लिए बाल कल्याण एवं संरक्षण प्राधिकरणों के साथ समन्वय किया जाएगा।
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