हैदराबाद। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को महबूबाबाद जिले में 15 हजार की रिश्वत लेते हुए एक हेडमास्टर और एक स्कूल सहायक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।आरोपियों की पहचान जे. रवि कुमार (हेडमास्टर, जेडीएसएच अयोध्यापुरम और मंडल शिक्षा अधिकारी, गुदूर) और जी. चंद्र मौली (स्कूल सहायक एवं इंचार्ज क्लर्क) के रूप में हुई है। एसीबी की वारंगल यूनिट ने गुदूर स्थित स्कूल में ट्रैप बिछाकर दोनों को पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने एक शिकायतकर्ता से सीपीएस से संबंधित रिटायरमेंट लाभ बिलों को प्रोसेस कर अकाउंटेंट जनरल कार्यालय भेजने के लिए रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। बरामद की गई रिश्वत की रकम दूसरे आरोपी के पास से मिली। एसीबी अधिकारियों (Officers) ने बताया कि दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ लेने की कोशिश की। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारंगल में एसपीई एवं एसीबी मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले की आगे जांच जारी है, जबकि शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखी गई है।
रिश्वत क्या है?
अर्थ किसी व्यक्ति को अनुचित लाभ पाने के लिए पैसे, उपहार या किसी प्रकार की सुविधा देना या लेना होता है। यह एक गैरकानूनी और अनैतिक कार्य है, जो न्याय और नियमों के खिलाफ होता है। आमतौर पर यह सरकारी या निजी कामों में जल्दी या गलत तरीके से फायदा उठाने के लिए किया जाता है। इससे समाज में भ्रष्टाचार बढ़ता है और ईमानदारी तथा पारदर्शिता को नुकसान पहुँचता है।
रिश्वत कब होती है?
स्थिति तब बनती है जब कोई व्यक्ति अपने काम को गलत तरीके से करवाने या जल्दी करवाने के लिए किसी अधिकारी या कर्मचारी को पैसे या उपहार देता है। यह अक्सर नियमों को तोड़ने, लाइसेंस पाने, जुर्माना बचाने या किसी विशेष सुविधा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। जब कार्य निष्पक्ष रूप से न होकर पैसे या प्रभाव के आधार पर होता है, तब उसे रिश्वत की स्थिति माना जाता है।
रिश्वत का उदाहरण क्या है?
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद चालान से बचने के लिए पुलिसकर्मी को पैसे देता है, तो यह रिश्वत कहलाती है। इसी तरह, सरकारी नौकरी पाने, फाइल जल्दी पास कराने या ठेका हासिल करने के लिए पैसे देना भी रिश्वत के उदाहरण हैं। ऐसे कार्य कानूनन अपराध होते हैं और इनके लिए सजा का प्रावधान भी होता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :