Politics : झूठ और छल के सहारे राजनीति कर रहे हैं सीएम रेवंत रेड्डी : बंड़ी

Read Time:  1 min
रेवंत रेड्डी
रेवंत रेड्डी
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “आधुनिक दौर का गोएबेल्स” करार दिया। एक बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी झूठ और छल के सहारे राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया था कि लोग झूठ बोलने वालों पर भरोसा करते हैं और वे भी इसी आधार पर सत्ता में आए हैं।

बंडी संजय ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी ने सत्ता में आने से पहले 100 दिनों में छह गारंटी लागू करने का वादा किया था, जिसमें हर महिला को 2,500 मासिक सहायता, एक तोला सोना और स्कूटी देने जैसे वादे शामिल थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन्हें पूरा नहीं किया गया उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो मुख्यमंत्री (Chief Minister) पर “सच बोलने पर सिर फटने का श्राप” है।

वर्तमान सरकार भी झूठे वादों से जनता को गुमराह कर रही

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी तरह ही वर्तमान सरकार भी झूठे वादों से जनता को गुमराह कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण देने और दक्षिणी राज्यों को न्याय दिलाने के लिए सीटों में 50% वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, लेकिन ‘इंडी’ गठबंधन ने इसे रोक दिया। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी ने परिसीमन के मुद्दे पर दक्षिण भारत को नुकसान होने का झूठा प्रचार कर विधेयक को रोकने में भूमिका निभाई।

कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं ने महिलाओं के सपनों को तोड़ा

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं ने महिलाओं के सपनों को तोड़ा है। बंडी संजय ने कहा कि देश की करोड़ों महिलाएं इस “अपमान” को कभी नहीं भूलेंगी और आने वाले समय में ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं को इसका जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एन. रामचंदर राव के नेतृत्व में बीजेपी कांग्रेस के “धोखे” का संदेश राज्य के हर गांव तक पहुंचाएगी।

महिला आरक्षण का 33% आरक्षण क्या है?

इस प्रावधान के तहत महिलाओं के लिए कुल सीटों में से 33% सीटें आरक्षित की जाती हैं, ताकि उनकी भागीदारी बढ़ सके। यह व्यवस्था पहले से पंचायत और नगर निकायों में लागू है। अब संसद और विधानसभाओं में भी इसे लागू करने का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है।

भारत में महिलाओं को कितना आरक्षण है?

देश में महिलाओं के लिए आरक्षण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग है। पंचायत और नगर निकायों में कम से कम 33% आरक्षण दिया गया है, जिसे कई राज्यों में बढ़ाकर 50% तक किया गया है। संसद और विधानसभाओं में भी 33% आरक्षण का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है, जो अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।

महिला आरक्षण कब लागू होगा?

संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लागू होगा, लेकिन इसके लिए पहले जनगणना और परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही यह प्रावधान प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, इसलिए इसकी सटीक तारीख अभी तय नहीं है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।