भाजपा की माँग, सभी घोटालों पर न्यायिक जांच हो
हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद भी भ्रष्टाचार और घोटालों के मामलों में कांग्रेस और बीआरएस की कार्यशैली एक जैसी बनी हुई है। गुरुवार को हैदराबाद स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय (BJP State Office) में आयोजित मीडिया सम्मेलन में उन्होंने कहा कि बीआरएस शासनकाल में हुए कई बड़े घोटालों की अब तक कोई ठोस और निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार के दौरान कथित रूप से हुए भेड़ वितरण घोटाले पर कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए दो वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक कोई समग्र जांच नहीं कराई गई है।
केवल ठेकेदार और मंत्रिमंडल बदले हैं
एन. रामचंदर राव ने कहा कि नैनी कोल ब्लॉक मामले में भी बीआरएस शासनकाल में जारी वही ठेका कांग्रेस सरकार ने जारी रखा है। केवल ठेकेदार और मंत्रिमंडल बदले हैं, लेकिन कमीशन की प्रणाली आज भी वैसी ही चल रही है। फोन टैपिंग मामले पर भी उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक जांच नहीं हो रही है। केवल नोटिस देकर प्रचार किया जा रहा है, लेकिन किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि शराब नीति के मामले में भी कांग्रेस सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि वह बीआरएस सरकार की नीतियों को ही आगे बढ़ा रही है।
भ्रष्टाचार के मामलों में एक ही नीति पर काम कर रही सरकार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बीआरएस और वर्तमान कांग्रेस सरकार दोनों ही भ्रष्टाचार के मामलों में एक ही नीति पर काम कर रही हैं और यह बात तेलंगाना की जनता को समझनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 100 दिनों में बीआरएस शासनकाल के घोटालों की जांच पूरी कर केसीआर को जेल भेजने की बात कही थी, लेकिन आज केवल एसआईटी जांच के नाम पर समय बिताया जा रहा है और मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीआरएस पार्टियों का मुख्य उद्देश्य जनता को गुमराह करना बन गया है।
10 वर्षों में 10 लाख करोड़ का लिया कर्ज
एन. रामचंदर राव ने कहा कि बीआरएस सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 10 लाख करोड़ का कर्ज लिया और कांग्रेस सरकार ने केवल दो वर्षों में 2 लाख करोड़ का कर्ज लिया। इस पर दोनों पार्टियाँ एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं, लेकिन भ्रष्टाचार मामलों में एसआईटी जांच के नाम पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा के बढ़ते जनाधार को रोकने के लिए कांग्रेस और बीआरएस पार्टियाँ भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही हैं।
भाजपा केवल 163 सरपंच सीटें जीत पाई थी
उन्होंने बताया कि जहाँ पहले भाजपा केवल 163 सरपंच सीटें जीत पाई थी, वहीं हाल के चुनावों में पार्टी ने लगभग 1,000 सरपंच, 10,000 वार्ड सदस्य और 1,200 उपसरपंच पदों पर जीत दर्ज की है, जो तेलंगाना में भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। मीडिया सम्मेलन में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष माधवी, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी एन.वी. सुभाष, वरिष्ठ नेता वेंकट रेड्डी, विठ्ठल, कप्पर प्रसाद, सुनीता सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
भ्रष्टाचार का क्या अर्थ है?
व्यक्तियों या अधिकारियों द्वारा अपनी शक्ति, पद या अधिकार का दुरुपयोग कर अवैध लाभ, रिश्वत, अन्याय या बेईमानी करना भ्रष्टाचार कहलाता है। यह समाज, अर्थव्यवस्था और प्रशासन में असमानता और अविश्वास पैदा करता है।
धारा 7 पीसी एक्ट 1988 क्या है?
यह भारतीय दंड संहिता (Prevention of Corruption Act, 1988) की एक धारा है, जो सरकारी अधिकारी द्वारा घूस लेने या मांगने पर सजा तय करती है। इसमें जेल की अवधि, जुर्माना और अवमानना के प्रावधान शामिल हैं।
भारत में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार कौन सा है?
भारत में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार आमतौर पर राजनीतिक और सरकारी भ्रष्टाचार माना जाता है। इसमें सरकारी योजनाओं में गबन, ठेके, सरकारी विभागों में रिश्वत और नियमों की अनदेखी शामिल है, जिससे आर्थिक और सामाजिक नुकसान होता है।
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