Hyderabad : वनों का संरक्षण हर किसी की जिम्मेदारी – मंत्री कोंडा

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दूलापल्ली में मनाया गया विश्व वन दिवस

हैदराबाद। दूलापल्ली तेलंगाना राज्य वन अकादमी (State Forest Academy) में विश्व वन दिवस का आयोजन किया गया। अकादमी निदेशक प्रियंका वर्गीस के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन, पर्यावरण और धर्मार्थ विभाग की मंत्री कोंडा सुरेखा, वन पर्यावरण विज्ञान तकनीकी विभाग के मुख्य सचिव अहमद नदीम, वन दलों की प्रमुख संरक्षक डा. सी. सुवर्ण, और राजा बहादुर वेंकट रामरेड्डी पुलिस अकादमी के निदेशक अभिलाषा बिष्ट शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्योति प्रज्वलन से किया गया।

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मंत्री कोंडा सुरेखा ने कहा कि वनों का संरक्षण हर किसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि हवा, पानी, भोजन और जीव-जंतु सभी प्रकृति पर निर्भर हैं। उन्होंने ‘वृक्षो रक्षति रक्षितः’ का हवाला देते हुए कहा कि यदि हम पेड़ों की रक्षा करेंगे, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने शहरीकरण और औद्योगिकीकरण (Industrialization) के कारण वनों में कमी और जल संकट व जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी से अपील की कि हर घर में एक पौधा और हर परिवार में एक पेड़ लगाया जाए। डा. सुवर्ण ने वनों को मानव जीवन का अविभाज्य हिस्सा बताते हुए कहा कि प्राकृतिक जंगलों का निर्माण सैकड़ों वर्षों में होता है और ये प्रकृति की अमूल्य देन हैं।

वन संरक्षण में लोगों की भागीदारी अनिवार्य

उन्होंने आग, वन्य जीवों पर खतरे और अतिक्रमण के बीच जंगलों को बचाना चुनौतीपूर्ण बताया। वन संरक्षण में लोगों की भागीदारी अनिवार्य है और वन कर्मी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मुख्य सचिव अहमद नदीम ने कहा कि वनों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है और इस दिशा में फ्रंटलाइन कर्मियों का योगदान सराहनीय है। आईपीएस अधिकारी अभिलाष बिष्ट ने पर्यावरण जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिदिन पर्यावरण की रक्षा आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना स्टेट फॉरेस्ट अकादमी (टीएसएफए) और राजा बहादुर वेंकट रामरेड्डी तेलंगाना पुलिस अकादमी (आरबीवीआरआर) के बीच प्रशिक्षण और क्षमता विकास में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रशिक्षण सामग्री, फैकल्टी एक्सचेंज और विज्ञान एवं तकनीकी जानकारी साझा करके प्रशिक्षुओं के कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) विनय कुमार, पीसीसीएफ (डेवलपमेंट) रत्नाकर जौहरी, सीसीएफ (एडमिन) एस.जे. आश, सीसीएफ (कैंप) क्षितिज, अकादमी डिप्टी निदेशक रेखाभानु और गंगिरेड्डी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व वन दिवस कब मनाया जाता है?

हर साल 21 मार्च को मनाया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किया गया है, ताकि लोगों को वनों के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके। इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों, वृक्षारोपण अभियानों और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। वनों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

वन दिवस 2025 की थीम क्या है?

थीम “Forests and Food” (वन और भोजन) रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य यह बताना है कि वन केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और पोषण के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। वनों से हमें फल, जड़ी-बूटियां और अन्य खाद्य पदार्थ मिलते हैं, जो मानव जीवन के लिए आवश्यक हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करते हैं।

विश्व वन्यजीव दिवस क्यों मनाया जाता है?

हर साल 3 मार्च को मनाया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र ने वन्यजीवों और पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू किया था। इस दिन का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि जैव विविधता हमारे जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। यह दिवस अवैध शिकार, पर्यावरण विनाश और प्रजातियों के विलुप्त होने जैसी समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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