367 ग्राम हैश ऑयल बरामद
हैदराबाद। खैरताबाद जोन की कमिश्नर टास्क फोर्स टीम और मुशीराबाद (Musheerabad) पुलिस स्टेशन की टीम ने विश्वसनीय जानकारी के आधार पर मुशीराबाद के रिसालागद्दा, हवेली, बकरम क्षेत्र में छापेमारी कर एक नशा तस्कर और एक नशा सेवनकर्ता को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार तस्कर डोवरी ज्योति रत्न प्रदीप निवासी बैलाजी नगर, याप्राल, हैदराबाद और सेवनकर्ता कोटा विजय कुमार, निवासी गोलकोंडा क्रॉस रोड्स, मुशीराबाद शामिल है। इनके पास से हैश ऑयल के 53 छोटे प्लास्टिक कंटेनर (कुल 367 ग्राम, एक दोपहिया वाहन, तीन मोबाइल फोन बरामद हुआ है। जांच में आरोपी डोवरी ज्योति रत्न प्रदीप ने स्वीकार किया कि बरामद पदार्थ हैश ऑयल है। उसने और उसके साथी शेख महबूब बाशा ने विशाखापत्तनम से प्लास्टिक कंटेनरों में हैश ऑयल (Hash Oil) लाकर 50 हजार रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा।
2,000–2,500 रुपये प्रति 5 ग्राम में बेचते थे
इसके बाद तस्कर छोटे 5 ग्राम के कंटेनरों में इसे बाटकर 2,000–2,500 रुपये प्रति 5 ग्राम में बेचते थे। कोटा विजय कुमार ने एक कंटेनर दो हजार रुपये में खरीदा। ज्योति रत्न प्रदीप गुंटुर से हैदराबाद आए और वित्तीय कठिनाइयों के कारण नशा तस्करी में शामिल हो गए। इसके पहले, वर्ष 2022 में प्रदीप को गुंटुर में हैश ऑयल के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसी वर्ष, कोटा विजय कुमार को भी नशा सेवन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। तस्कर हैश ऑयल के साथ मुशीराबाद में उपरोक्त स्थान पर पहुंचा और नशा सेवनकर्ता को ड्रग देने के इंतजार में था। विश्वसनीय सूचना मिलने पर खैरताबाद जोन टास्क फोर्स और मुशीराबाद पुलिस टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर हैश ऑयल, वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार तस्कर और सेवनकर्ता तथा बरामद सामग्री को मुशीराबाद पुलिस स्टेशन के एचएसओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंपा गया।

हशीश तेल क्या है?
तेल एक गाढ़ा और अत्यधिक शक्तिशाली पदार्थ होता है, जो आमतौर पर कैनाबिस पौधे से प्राप्त रेज़िन से बनाया जाता है। इसमें नशीले तत्व की मात्रा अधिक होती है, इसलिए कई देशों में इसका उपयोग और बिक्री कानून द्वारा नियंत्रित या प्रतिबंधित होती है। यह तेल गहरे रंग का होता है और इसे अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है। स्वास्थ्य और कानूनी कारणों से इसके उपयोग को लेकर कई देशों में कड़े नियम बनाए गए हैं।
हैश तेल क्या है?
तेल, जिसे हैश ऑयल भी कहा जाता है, कैनाबिस से निकाला गया एक केंद्रित पदार्थ होता है। इसमें नशीले रासायनिक तत्व की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण यह सामान्य कैनाबिस से ज्यादा प्रभावी माना जाता है। कई देशों में इसे अवैध नशीले पदार्थों की श्रेणी में रखा जाता है। इसके उपयोग से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं, इसलिए कानून और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके उपयोग से सावधान रहने की सलाह देते हैं।
हैश ऑयल किस चीज से बनता है?
ऑयल मुख्य रूप से कैनाबिस पौधे के रेज़िन या फूलों से तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में पौधे से सक्रिय रासायनिक तत्व निकालकर उसे तेल के रूप में केंद्रित किया जाता है। तैयार पदार्थ गाढ़ा और चिपचिपा होता है। कई देशों में इसे नियंत्रित या प्रतिबंधित नशीले पदार्थ के रूप में देखा जाता है, इसलिए इसके उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर कानूनी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :