हैदराबाद। भुवनगिरि सांसद चामला किरण कुमार रेड्डी (Chamala Kiran Kumar Reddy) तथा सरकारी सचेतक एवं नकिरैकल विधायक वेमुला वीरेशम ने कट्टंगूर मंडल के अयिटीपामुल गांव स्थित धान खरीद केंद्र का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने धान खरीद प्रक्रिया, तौल व्यवस्था तथा परिवहन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। सांसद ने जिला कलेक्टर (District Collector) से फोन पर बात कर धान को शीघ्र गोदामों तक पहुंचाने, लारियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा किसानों के लिए गनी बैग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि सरकार किसानों द्वारा उत्पादित धान के प्रत्येक दाने की खरीद सुनिश्चित करेगी।
किसानों को हरसंभव सहायता का आश्वासन
किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सरकार हर स्तर पर उनके साथ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पेयजल, छाया, तिरपाल और विश्राम स्थल जैसी मूलभूत सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं तथा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी प्रकार के बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे। सांसद चामला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसानों के खातों में 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मार्केट कमेटी के सदस्य, कृषि एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
भुवनागिरी किस लिए प्रसिद्ध है?
तेलंगाना का यह ऐतिहासिक शहर अपने प्राचीन किले, विशाल चट्टानों और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित पहाड़ी किला दूर-दूर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। क्षेत्र में ट्रैकिंग और रॉक क्लाइम्बिंग जैसी गतिविधियां भी लोकप्रिय हैं। ऐतिहासिक महत्व के कारण इसे राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। आसपास के इलाकों में पारंपरिक बाजार और स्थानीय खानपान भी लोगों को पसंद आते हैं। इतिहास और प्रकृति का सुंदर संगम यहां देखने को मिलता है।
भुवनगिरी किला कहाँ स्थित है?
प्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग तेलंगाना राज्य के यादाद्रि भुवनगिरि जिले में स्थित है। यह हैदराबाद से लगभग 50 किलोमीटर दूर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले का निर्माण चालुक्य शासकों के समय माना जाता है और इसकी वास्तुकला काफी आकर्षक है। पहाड़ी की ऊंचाई के कारण यहां से आसपास का दृश्य बेहद सुंदर दिखाई देता है। सड़क और रेल मार्ग से यह स्थान अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, इसलिए पर्यटक आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।
भुवनगिरि को हिंदी में क्या कहते हैं?
तेलुगु भाषा के इस नाम को हिंदी में सामान्य रूप से “भुवनागिरी” कहा जाता है। कई सरकारी दस्तावेजों और हिंदी समाचारों में भी इसी नाम का उपयोग किया जाता है। यह नाम दो शब्दों से मिलकर बना माना जाता है, जिनका संबंध “दुनिया” और “पहाड़ी” से जोड़ा जाता है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण यह स्थान तेलंगाना में विशेष पहचान रखता है। स्थानीय लोग इसे भोंगीर नाम से भी पुकारते हैं, जो अंग्रेजी उच्चारण से लोकप्रिय हुआ है।
भुवनागिरी किस जिले के अंतर्गत है?
ऐतिहासिक नगर यादाद्रि भुवनगिरि जिले के अंतर्गत आता है, जो तेलंगाना राज्य में स्थित है। पहले यह क्षेत्र नलगोंडा जिले का हिस्सा था, लेकिन प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद इसे अलग जिला बनाया गया। यह जिला धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए भी जाना जाता है। क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध किला यहां की पहचान माना जाता है। सड़क और रेल संपर्क बेहतर होने के कारण यह व्यापार और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान बन चुका है।
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