GHMC : आईडीएच कॉलोनी में बच्चों के पार्क विकसित किए जाएँ – कर्णन

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कर्णन
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आयुक्त ने एक आंगनवाड़ी केंद्र का दौरा किया

हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के आयुक्त आर. वी कर्णन (R. V. Karnan) ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बच्चों के लिए सुखद और मनोरंजक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आईडीएच डबल बेडरूम आवास कॉलोनी में बच्चों के पार्क विकसित किए जाएँ। उन्होंने कॉलोनी में स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। राज्य सरकार के ‘प्रजा पालन – प्रगति प्रनालिका’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयुक्त ने मंगलवार को सनतनगर विधानसभा क्षेत्र के बंसीलालपेट प्रभाग में स्थित आईडीएच डबल बेडरूम कॉलोनी तथा अंबेडकर नगर कॉलोनी का निरीक्षण किया।

इस दौरान जिला कलेक्टर दासारी हरिचंदना साथ थे। दल ने पुरानी वाम्बे योजना के अंतर्गत निर्मित चार आवासीय भवनों का निरीक्षण किया। इसके बाद आयुक्त ने एक आंगनवाड़ी केंद्र का दौरा किया और बच्चों को दिए जा रहे पौष्टिक भोजन के बारे में शिक्षिका से जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में बच्चों का नामांकन (Enrollment) बढ़ाने का सुझाव दिया और परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों को अनुपयोगी सामग्री हटाकर स्वच्छ रखने का निर्देश दिया।

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बच्चों को समय पर उपलब्ध कराया जाए गुणवत्तापूर्ण भोजन

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। गांधी पट्टन शहरी स्वास्थ्य केंद्र के दौरे के दौरान आयुक्त ने चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले जैव-चिकित्सीय कचरे को अलग-अलग किया जाए। उन्होंने पुराने उपकरणों को तुरंत हटाने और अस्पताल परिसर तथा आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का भी निर्देश दिया। कॉलोनी में पैदल भ्रमण करते हुए निवासियों से बातचीत में कर्णन ने उनसे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का आग्रह किया। उन्होंने सिकंदराबाद क्षेत्र के अधिकारियों को कॉलोनी में उपलब्ध दो खाली स्थानों पर बच्चों के पार्क विकसित करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत जिला कलेक्टर हरिचंदना ने आवास विभाग के प्रबंध निदेशक के साथ मारेडपल्ली स्थित अंबेडकर कॉलोनी में गरीब परिवारों के घरों का भी निरीक्षण किया और निवासियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने निवासियों को क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि सरकार पात्र गरीब परिवारों के लिए इंदिरम्मा आवास निर्माण की संभावना पर विचार कर रही है। सिकंदराबाद क्षेत्रीय आयुक्त मंगतयारू, कवाडीगुडा मंडल की उप आयुक्त आर. पुष्पलता, सिकंदराबाद राजस्व प्रभाग अधिकारी सायराम, तहसीलदार पांडु नाइक तथा अन्य अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

आंगनबाड़ी की लिस्ट कैसे देखें?

किसी क्षेत्र में चल रहे केंद्रों की जानकारी राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। कई राज्यों में पंचायत, नगर निगम या ब्लॉक कार्यालय में भी सूची उपलब्ध रहती है। इसके अलावा एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की जानकारी जिला स्तर के महिला एवं बाल विकास विभाग से भी आसानी से मिल जाती है।

आंगनबाड़ी में कौन-कौन सी योजनाएं हैं?

केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं। इनमें पूरक पोषण आहार, टीकाकरण सहायता, स्वास्थ्य जांच, प्री-स्कूल शिक्षा और पोषण संबंधी जागरूकता शामिल हैं। ये सेवाएं मुख्य रूप से एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के अंतर्गत प्रदान की जाती हैं। इनका उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाना है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय कितना बड़ा होता है?

कार्यकर्ताओं को नियमित सरकारी कर्मचारी की तरह वेतन नहीं मिलता, बल्कि मानदेय दिया जाता है। अधिकांश राज्यों में यह मानदेय लगभग 7,000 से 10,000 रुपये प्रतिमाह के बीच हो सकता है। इसके अलावा सहायिकाओं को इससे कम राशि मिलती है। यह व्यवस्था भी एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के अंतर्गत होती है और समय-समय पर राज्य सरकारें इसमें वृद्धि भी करती हैं।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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