प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण (Ballistic Missile Test) कर एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रविवार सुबह किए गए इस परीक्षण को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मिसाइलें पूर्वी तट के सिनपो क्षेत्र से दागी गईं और समुद्र में जाकर गिरीं।
दक्षिण कोरिया और जापान सतर्क
दक्षिण कोरिया (South Korea) की सेना ने पुष्टि की है कि यह इस साल का सातवां मिसाइल परीक्षण है। घटना के बाद दक्षिण कोरिया ने आपात सुरक्षा बैठक बुलाई और अमेरिका तथा जापान के साथ निगरानी और खुफिया सहयोग बढ़ा दिया है। जापान ने भी बताया कि मिसाइलें पूर्वी समुद्र में गिरीं, हालांकि उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं हुआ।
संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों की अनदेखी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पहले ही उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन प्योंगयांग लगातार इन नियमों को नजरअंदाज कर रहा है। उत्तर कोरिया इन परीक्षणों को आत्मरक्षा का अधिकार बताता है।
अंतरराष्ट्रीय बैठकों से पहले शक्ति प्रदर्शन
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब मई के मध्य में अमेरिका और चीन के बीच अहम बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में इसे उत्तर कोरिया की ओर से शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ी चिंता
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया तेजी से अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। एजेंसी प्रमुख राफेल ग्रोसी के अनुसार, योंगब्योन परमाणु कॉम्प्लेक्स में गतिविधियां तेज हुई हैं और नए यूरेनियम संवर्धन केंद्र के संकेत मिले हैं।
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किम जोंग उन की रणनीति
किम जोंग उन पहले ही अपने देश को परमाणु शक्ति घोषित कर चुके हैं और “न्यूक्लियर डिटरेंस” को मजबूत करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में ताजा मिसाइल परीक्षण एशिया ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है।
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