मंत्री ने उच्च स्तरीय समिति के साथ की बैठक
हैदराबाद। राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी (Ponguleti Srinivas Reddy) ने कहा कि धरणी पोर्टल की कमियों का लाभ उठाकर सरकारी जमीनों को अवैध रूप से हथियाने और रजिस्ट्रेशन शुल्क की चोरी करने वालों को कोई राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने धरणी पोर्टल को रोककर सरकारी जमीनों का दुरुपयोग किया। इस पर सिद्धिपेट (Siddipet) और सिरिसिला जिलों में केंद्रीय सरकार की संबंधित संस्था के साथ पायलट फॉरेंसिक ऑडिट किया गया, जिसमें प्रारंभिक रिपोर्ट में कई अनियमितताएँ सामने आईं। मंत्री ने कहा कि इस फॉरेंसिक रिपोर्ट की समीक्षा के बाद बाकी 31 जिलों में भी फॉरेंसिक ऑडिट किया जाएगा। शनिवार को सचिवालय में अपने कार्यालय में मंत्री ने उच्च स्तरीय समिति के साथ बैठक की और अनियमितताओं की जांच की।
राजस्व अधिकारियों की भूमिका क्या थी?
उन्होंने समिति के सदस्यों से पूछा कि कौन किस हद तक शामिल था, किसी ने पीछे से हस्तक्षेप किया या नहीं, राजस्व अधिकारियों की भूमिका क्या थी। समिति ने प्रारंभिक रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सुझाव दिए कि गहन जांच कर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। धरणी पोर्टल शुरू होने के बाद अब तक 35,000 लेन-देन हुए, जिनमें प्रारंभिक जांच में 4,848 लेन-देन में त्रुटियाँ पाई गईं। जांच के बाद 1,109 दस्तावेजों के मामले में लगभग 4 करोड़ रुपये सरकार को भुगतान नहीं हुए। मंत्री ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने बिना किसी योजना और पूर्व विचार के, साजिशपूर्ण तरीके से धरणी पोर्टल शुरू किया था, जिससे कुछ लोग अवैध गतिविधियों में लिप्त हो गए। इसे रोकने के लिए तत्काल उच्च स्तरीय समिति बनाई गई और जांच शुरू की गई।

35 मंडलों में 48 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज
इस संदर्भ में 9 जिलों के 35 मंडलों में 48 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए। उन्होंने आलोचना की कि विपक्ष के कुछ नेता करोड़ों की कथित अनियमितताओं की बातें कर रहे हैं, जबकि किसी ने यह नहीं देखा कि धरणी पोर्टल के वास्तविक आंकड़े क्या हैं। मंत्री ने बताया कि पहले चरण में 4,000 प्रशिक्षित सर्वेयरों को लाइसेंस दिए जा चुके हैं। रविवार को खम्मम जिले के कलेक्टरेट में 2,000 और सर्वेयरों को लाइसेंस वितरित किए जाएंगे। ये लाइसेंस प्राप्त सर्वेयर राज्य के 373 बिना नक्शे वाले गांवों में पुन: सर्वे करेंगे। बैठक में राजस्व सचिव लोकेश कुमार, स्टैम्प एवं रजिस्ट्रेशन आईजी राजीव गांधी हनुमंतु, इंटेलिजेंस अतिरिक्त डीजी विजय कुमार, उच्च स्तरीय समिति के सदस्य डीआईजी एम. सुभाषिनी, सीएमआरवीओ मकरंद, एसीबी एसपी सिंधु शर्मा, साइबर क्राइम डीएसपी ए. संपत, एनआईसी प्रतिनिधि श्रीनिवास, गृह विभाग सलाहकार पी. शरत कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री क्या होता है?
सरकार में भूमि राजस्व, कर संग्रह, स्टांप-पंजीकरण, कृषि भूमि रिकॉर्ड और सरकारी आय से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी जिस मंत्री के पास होती है, वही राजस्व मंत्री कहलाता है। राज्य स्तर पर यह पद जमीन, किसान और प्रशासन से जुड़े अहम फैसले करता है।
वर्तमान में राष्ट्रीय राजस्व मंत्री कौन हैं?
केंद्र सरकार में राजस्व विभाग वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आता है। वर्तमान में इसकी जिम्मेदारी निर्मला सीतारमण के पास है, जो देश की वित्त मंत्री हैं और कर, सीमा शुल्क व राजस्व नीति से जुड़े निर्णय लेती हैं।
राजस्व परिषद लखनऊ में शिकायत कैसे करें?
शिकायत दर्ज कराने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र भेजा जा सकता है या सीधे कार्यालय में आवेदन दिया जाता है। इसमें भूमि विवाद, खतौनी, नामांतरण या राजस्व संबंधी समस्या का पूरा विवरण देना होता है। कई मामलों में जिला स्तर से होते हुए शिकायत परिषद तक पहुंचती है।
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