हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के आयुक्त आर. वी. कर्णन (R. V. Karnan) ने प्रजावाणी शिकायत निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से कुल 67 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 35 मुख्यालय तथा 32 विभिन्न जोनों से संबंधित थे। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का समाधान करने के निर्देश देते हुए सेवा प्रदाय में उत्तरदायित्व (Responsibility) और तत्परता पर बल दिया। बैठक में अतिरिक्त आयुक्तों तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रजावाणी का अर्थ क्या है?
यह शब्द दो भागों से मिलकर बना है—‘प्रजा’ अर्थात जनता और ‘वाणी’ अर्थात आवाज। इसका अर्थ होता है “जनता की आवाज”। आम तौर पर इस नाम का उपयोग ऐसे कार्यक्रमों, प्रकाशनों या मंचों के लिए किया जाता है, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं, सुझावों और विचारों को सरकार या समाज तक पहुंचाना होता है। यह पारदर्शिता और संवाद की भावना को दर्शाता है।
प्रजावाणी का मालिक कौन है?
यह नाम अलग-अलग संदर्भों में प्रयुक्त होता है। उदाहरण के लिए, Prajavani एक कन्नड़ दैनिक समाचार पत्र है, जिसका प्रकाशन ‘द प्रिंटर्स (मैसूर) प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया जाता है। वहीं कई राज्यों में इसी नाम से सरकारी शिकायत निवारण कार्यक्रम भी संचालित होते हैं, जिनका संचालन संबंधित राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन द्वारा किया जाता है।
प्रजावाणी तेलंगाना क्या है?
तेलंगाना में यह एक सरकारी शिकायत निवारण कार्यक्रम के रूप में जाना जाता है। इसके माध्यम से नागरिक सीधे जिला कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रशासन निर्धारित दिनों में जनता से मिलकर शिकायतें सुनता है और त्वरित समाधान के निर्देश देता है। इसका उद्देश्य शासन को पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाना है।
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