हैदराबाद। गोलकोंडा क्षेत्र के अंतर्गत कुलसुमपुरा (Kulsumpura) यातायात थाना क्षेत्र में नानल नगर में विशेष यातायात जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन पर बल दिया। अधिकारियों ने कहा कि दोपहिया वाहन चालकों तथा पीछे बैठने वाले व्यक्तियों, चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों सहित, सभी के लिए हेलमेट अनिवार्य है। कार में यात्रा करने वाले सभी व्यक्तियों के लिए सीट बेल्ट पहनना आवश्यक बताया गया तथा बाईं ओर से ओवरटेकिंग न करने की चेतावनी दी गई। भारी वाहनों को बाईं लेन में चलने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए। अभियान के अंतर्गत स्थानीय स्वयंसेवी दलों के सहयोग से पात्र चालकों को निःशुल्क हेलमेट (free helmet) वितरित किए गए। यातायात अधिकारियों ने नागरिकों से दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।

यातायात जागरूकता क्या है?
यह सड़क पर सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार के प्रति समझ और सजगता को दर्शाती है। इसके अंतर्गत ट्रैफिक नियमों का पालन, संकेतों की जानकारी, गति सीमा का सम्मान, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग तथा पैदल यात्रियों के अधिकारों का ध्यान रखना शामिल है। जागरूकता से दुर्घटनाओं में कमी आती है और सभी सड़क उपयोगकर्ताओं—चालक, यात्री और पैदल चलने वाले—की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
सड़क सुरक्षा का मूल मंत्र क्या है?
सुरक्षित ड्राइविंग, सतर्कता और नियमों का पालन ही इसका मुख्य सिद्धांत है। तेज गति से बचना, शराब पीकर वाहन न चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग न करना, हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना तथा ट्रैफिक संकेतों का सम्मान करना इसकी बुनियादी बातें हैं। धैर्य और अनुशासन सड़क सुरक्षा के सबसे बड़े आधार माने जाते हैं, क्योंकि छोटी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
यातायात जागरूकता का परिचय क्या है?
यह एक सामाजिक और शैक्षिक प्रयास है, जिसका उद्देश्य लोगों को सड़क नियमों और सुरक्षित व्यवहार के प्रति शिक्षित करना है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और पुलिस विभाग द्वारा अभियान चलाकर नागरिकों को जागरूक किया जाता है। इसके माध्यम से जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत विकसित होती है, दुर्घटनाओं में कमी आती है और समाज में सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
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