फलकनुमा डिवीजन के राउडी शीटरों की काउंसलिंग
हैदराबाद। राजेंद्रनगर ज़ोन के डीसीपी एस. श्रीनिवास (DCP S. Srinivas) ने गुरुवार को कालापत्तर पुलिस स्टेशन में फलकनुमा डिवीजन के राउडी शीटरों की काउंसलिंग की। इस कार्यक्रम में कालापत्तर, कामाटीपुरा, फलकनुमा और बहादुरपुरा पुलिस स्टेशनों के अंतर्गत आने वाले कुल 69 राउडी शीटर (Rowdy Sheeter) उपस्थित रहे। काउंसलिंग के दौरान डीसीपी एस. श्रीनिवास ने राउडी शीटरों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी को अपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए और समाज में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति असामाजिक गतिविधियों या गुटीय झगड़ों में शामिल पाया गया, तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कड़े आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि बार-बार अपराध करने वालों पर पीडी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी तथा शहर से निष्कासन के आदेश भी जारी किए जाएंगे। इस अवसर पर फलकनुमा डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) एवं कालापत्तर, फलकनुमा और बहादुरपुरा पुलिस स्टेशनों के एसएचओ उपस्थित रहे।
डीसीपी का पूरा नाम क्या है?
पूरा नाम डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस होता है। यह एक वरिष्ठ पुलिस पद है, जो मुख्य रूप से बड़े शहरों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभालता है। यह पद आईपीएस कैडर के अधिकारियों को दिया जाता है।
डीसीपी कौन बन सकता है?
यह पद वही अधिकारी प्राप्त कर सकता है जो भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हो। यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद, पर्याप्त अनुभव और सेवा अवधि पूरी करने पर राज्य सरकार द्वारा इस पद पर नियुक्ति की जाती है।
डीसीपी का मतलब क्या होता है?
अर्थ पुलिस आयुक्त का उप-प्रमुख होता है। शहर के किसी जोन या क्षेत्र की सुरक्षा, अपराध जांच, पुलिस बल का संचालन और प्रशासनिक निर्णय लेना इसकी मुख्य भूमिका होती है। यह पद एसपी से ऊपर और कमिश्नर से नीचे माना जाता है।
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