फोन टैपिंग मामले में तेलंगाना सरकार की याचिका खारिज
हैदराबाद। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फोन टैपिंग मामले में तेलंगाना सरकार (Telangana Government) द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) को खारिज कर दिया। इसके साथ ही बीआरएस विधायक एवं पूर्व मंत्री टी. हरीश राव को बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना (Justice B.V. Nagarathna) की अध्यक्षता वाली पीठ ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें हरीश राव और पूर्व डीसीपी राधाकिशन राव के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया गया था।
पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले को दोबारा खोलने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। यह मामला वर्ष 2024 में सिद्धिपेट के रियल एस्टेट कारोबारी चक्रधर गौड़ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें बीआरएस सरकार के कार्यकाल के दौरान अवैध फोन टैपिंग का आरोप लगाया गया था। इसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने की मांग
हरीश राव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। गत वर्ष 20 मार्च को उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए एफआईआर को खारिज कर दिया था कि आरोपों से हरीश राव का कोई प्रत्यक्ष संबंध साबित नहीं होता है। बाद में शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी, लेकिन वह याचिका भी खारिज कर दी गई। इसके बावजूद तेलंगाना सरकार ने 18 जून को पुनः सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए दलील दी कि जांच अभी जारी है और हरीश राव से पूछताछ आवश्यक है।
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने पक्ष रखा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की दलीलों को अस्वीकार करते हुए दोहराया कि फोन टैपिंग मामले में हरीश राव की कोई भूमिका नहीं पाई गई है। पीठ ने कहा कि नए साक्ष्यों के अभाव में एक सुविचारित उच्च न्यायालय के फैसले को पलटा नहीं जा सकता।
तेलंगाना में हरीश राव कौन हैं?
हरीश राव तेलंगाना राज्य के एक वरिष्ठ राजनेता हैं और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पार्टी के प्रमुख नेता माने जाते हैं। वे कई बार विधायक चुने जा चुके हैं और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर कार्य कर चुके हैं। हरीश राव को प्रशासनिक क्षमता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठनात्मक मजबूती के लिए जाना जाता है। सिंचाई, वित्त और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी उन्होंने संभाली है। तेलंगाना आंदोलन और राज्य के विकास में उनकी सक्रिय भूमिका मानी जाती है।
केसीआर और हरीश राव के बीच क्या संबंध है?
के. चंद्रशेखर राव और हरीश राव के बीच पारिवारिक संबंध है। हरीश राव, केसीआर के भतीजे हैं। राजनीति में भी दोनों का रिश्ता काफी मजबूत रहा है। केसीआर के नेतृत्व में हरीश राव ने पार्टी और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। संगठनात्मक मामलों, चुनावी रणनीति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उन्हें केसीआर का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। पारिवारिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर यह संबंध तेलंगाना की राजनीति में काफी चर्चित रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कौन हैं?
हरीश रावत उत्तराखंड राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और केंद्र सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। हरीश रावत को अनुभवी, जमीनी और जनसंपर्क से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता है। सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण विकास और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर वे हमेशा सक्रिय रहे हैं। उत्तराखंड की राजनीति में उनका नाम एक प्रभावशाली और लंबे समय तक सक्रिय नेता के रूप में लिया जाता है।
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