हैदराबाद। गांधी भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के महासचिव गज्जेल कांथम ने भारत राष्ट्र समिति के नेताओं केटीआर और हरीश राव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता सोशल मीडिया के माध्यम से यह दुष्प्रचार कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी केंद्रीय मंत्री बंदी संजय का समर्थन कर रहे हैं। गज्जेल कांथम ने कहा कि केटीआर और हरीश राव को झूठ और भ्रम फैलाना बंद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ने दस वर्षों तक जनता के साथ धोखा किया और तेलंगाना (Telangana) की महिलाओं तथा युवाओं को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुद्दों पर बोलने का नैतिक अधिकार केटीआर को नहीं है।
सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार करने का लगाया आरोप
कांथम ने केटीआर पर फोन टैपिंग और फिल्म उद्योग से जुड़ी महिलाओं को कथित रूप से ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास केटीआर से जुड़े कई प्रमाण, तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीआरएस शासन के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और जनता का धन लूटा गया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्रचार पर हर महीने करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय अब बीआरएस पर विश्वास नहीं करेंगे।
कानून के सामने सभी समान
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी राज्य की महिलाओं को अपनी बेटियों की तरह मानते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। गज्जेल कांथम ने कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं। उन्होंने बताया कि बंदी संजय के पुत्र भागीरथ से जुड़े मामले की जांच जारी है और मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को सच्चाई सामने लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांधी भवन क्या है?
यह नाम देश के कई शहरों में बने उन भवनों के लिए उपयोग किया जाता है, जो Mahatma Gandhi की विचारधारा, सामाजिक कार्यों और स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृति से जुड़े होते हैं। ऐसे भवनों में सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तकालय और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। कुछ स्थानों पर इन्हें अध्ययन और शोध केंद्र के रूप में भी विकसित किया गया है। गांधीजी के सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के विचारों को बढ़ावा देने में इन संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
गांधी गांव कहां स्थित है?
देश के अलग-अलग राज्यों में “गांधी गांव” नाम से कई गांव और परियोजनाएं मौजूद हैं, इसलिए इसका एक निश्चित स्थान नहीं माना जाता। कुछ गांवों का नाम Mahatma Gandhi की स्मृति में रखा गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गांधीवादी विचारों पर आधारित विकास योजनाएं चलाई गई हैं। अलग-अलग राज्यों में इस नाम के गांव शिक्षा, स्वच्छता और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रयासों के लिए जाने जाते हैं। सटीक स्थान संबंधित राज्य या जिले के अनुसार बदल सकता है।
गांधी आश्रम कहां था?
Mahatma Gandhi से जुड़ा सबसे प्रसिद्ध आश्रम साबरमती आश्रम माना जाता है, जो Ahmedabad में स्थित है। इसके अलावा सेवाग्राम आश्रम भी काफी प्रसिद्ध है, जो महाराष्ट्र के वर्धा में स्थित है। इन आश्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधार कार्यों का संचालन किया गया था। सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के सिद्धांतों पर आधारित जीवनशैली यहां अपनाई जाती थी। आज ये स्थान ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व के केंद्र माने जाते हैं।
महात्मा गांधी का निवास स्थान कहाँ था?
उन्होंने जीवन के अलग-अलग समय में कई स्थानों पर निवास किया था। साबरमती आश्रम, सेवाग्राम आश्रम और दक्षिण अफ्रीका में उनके निवास स्थान ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वे अक्सर देशभर में यात्रा करते रहे। Ahmedabad स्थित साबरमती आश्रम और वर्धा का सेवाग्राम आश्रम उनके प्रमुख निवास स्थलों में गिने जाते हैं। आज ये स्थान संग्रहालय और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन और अध्ययन के लिए पहुंचते हैं।
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