अमरावती। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अपील के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने वीआईपी काफिलों का आकार कम करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बाद अब राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश सहित कई मंत्रियों ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने का फैसला किया है। नारा लोकेश (Nara Lokesh) ने गुरुवार को अपने सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनके काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम की जाए। इस निर्णय के बाद उनके काफिले में केवल दो वाहन रहेंगे।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद मंत्रियों ने भी उठाया कदम
इससे पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जिला दौरों के दौरान काफिलों में वाहनों की संख्या आधी करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने ईंधन की खपत कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाने को कहा। उन्होंने मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी सरकारी कार्यक्रमों और दौरों में वाहनों का न्यूनतम उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के फैसले के बाद उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत कम करने की घोषणा की। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर नागरिकों से मितव्ययिता बरतने की अपील की है और स्वयं भी उसका पालन कर रहे हैं।
वाहनों और प्रोटोकॉल अधिकारियों की संख्या कम करने का लिया निर्णय
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने भी अपने आधिकारिक दौरों के दौरान वाहनों और प्रोटोकॉल अधिकारियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायडू ने बुधवार को एक जनसभा में कहा था कि बड़े-बड़े काफिलों में यात्रा करना एक चलन बन गया है, जिसे समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था भी आवश्यकता के अनुसार सीमित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री की अपील के बाद कई मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम कर दी। सिंचाई मंत्री निम्मला रामनायडू गुरुवार को बिना सुरक्षा वाहनों के मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।
मंत्री अनीता, संध्या रानी, पी. केशव, कोल्लू रविंद्र और सविता सहित अन्य मंत्री भी कम वाहनों के साथ पहुंचे। इस बीच, मंत्रिमंडल की बैठक में संसाधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता से संबंधित राज्य कार्य योजना पर चर्चा की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार प्रस्तावित योजना में ईंधन संरक्षण, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, ऊर्जा दक्षता, घरेलू पर्यटन, प्राकृतिक खेती, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा तथा व्यवहार परिवर्तन जैसे उपाय शामिल किए गए हैं।
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