Telangana : मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की मेगा ग्रोथ कॉरिडोर पर उच्चस्तरीय समीक्षा

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उच्चस्तरीय समीक्षा
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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एमसीआर एचआरडी के बोधी पवेलियन में मेगा ग्रोथ कॉरिडोर परियोजना को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा (High-level Review) बैठक की। इस बैठक में सीएमओ सचिव माणिक राज, म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर एवं डायरेक्टर डॉ. टी.के. श्रीदेवी, डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग देवेंद्र रेड्डी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने वरंगल, करीमनगर और खम्मम नगर निगमों को जोड़ते हुए आउटर रिंग रोड विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले एयरपोर्ट्स (Airports) को ध्यान में रखते हुए मजबूत और दीर्घकालिक सड़क नेटवर्क तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने शहरी विकास योजनाओं में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए।

25 वर्षों के विज़न के साथ शहरी विकास की रूपरेखा तय

उन्होंने कहा कि सभी नगर निकायों में स्वच्छ और सतत शहरी मॉडल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने ट्रैफिक नियंत्रण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर विशेषज्ञ सलाह लेने और स्मार्ट पोल्स, मल्टी-यूटिलिटी टावर तथा रिन्यूएबल एनर्जी आधारित सिस्टम विकसित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) को बढ़ावा देने और सरकारी लीज वाहनों को भी ईवी में बदलने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीवरेज बोर्ड से केवल ट्रीटेड वाटर का ही उपयोग भवन निर्माण कार्यों में किया जाए। वरंगल एयरपोर्ट की भविष्य की जल आवश्यकताओं की भी पहले से योजना बनाने के निर्देश दिए गए।

सीएसआर फंड को स्थानीय विकास कार्यों में ही खर्च करने पर दिया जोर

उन्होंने सिंगरेणी क्षेत्र के सभी नगर निकायों को एकीकृत यूनिट के रूप में विकसित करने और सीएसआर फंड को स्थानीय विकास कार्यों में ही खर्च करने पर जोर दिया। बैठक में टेम्पल और टूरिज्म कॉरिडोर की भी योजना पर चर्चा हुई, जिसमें नलगोंडा-यादगिरिगुट्टा टेम्पल कॉरिडोर, आदिलाबाद-नागोबा-बासरा-कडेम टूरिज्म कॉरिडोर, महबूबनगर-जडचेरला कॉरिडोर और कोत्तागुडेम-पल्वंचा-सुजातनगर कॉरिडोर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी शहरी परियोजनाओं को अगले 25 वर्षों की जनसंख्या और विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाए, क्योंकि वारंगल, करीमनगर और खम्मम कॉरिडोर भविष्य के तेलंगाना विकास की रीढ़ साबित होगा।

ग्रोथ कॉरिडोर क्या है?

ऐसी विकास परियोजना या क्षेत्र जहां उद्योग, व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाने के लिए विशेष योजना बनाई जाती है, उसे ग्रोथ कॉरिडोर कहा जाता है। इसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह और औद्योगिक ढांचे का विकास किया जाता है ताकि रोजगार और निवेश बढ़ सके। कई देशों में आर्थिक विकास को गति देने के लिए ऐसे कॉरिडोर बनाए जाते हैं। व्यापारिक संपर्क मजबूत करने और नए उद्योग स्थापित करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। आधुनिक बुनियादी ढांचे और परिवहन सुविधाओं के कारण आसपास के क्षेत्रों का विकास भी तेजी से होता है।

कॉरिडोर क्या होता है?

सामान्य अर्थ में यह एक ऐसा मार्ग, क्षेत्र या संपर्क प्रणाली होती है जो दो या अधिक स्थानों को जोड़ती है। परिवहन, व्यापार और विकास परियोजनाओं में इस शब्द का उपयोग अधिक किया जाता है। सड़क, रेल, हवाई मार्ग या औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाले नेटवर्क को भी कॉरिडोर कहा जा सकता है। बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच तेज संपर्क स्थापित करने के लिए ऐसे मार्ग विकसित किए जाते हैं। आर्थिक गतिविधियों और यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर किसने लॉन्च किया?

यह पहल भारत और Japan द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य एशिया और अफ्रीका के देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देना था। इस पहल की घोषणा वर्ष 2017 में की गई थी। समुद्री संपर्क, कौशल विकास और औद्योगिक सहयोग इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल माने जाते हैं। क्षेत्रीय विकास और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए इसे महत्वपूर्ण परियोजना माना गया था।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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