हैदराबाद। गोशामहल में प्रस्तावित न्यू उस्मानिया अस्पताल (Osmania Hospital) के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी एवं सड़क एवं भवन मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी (Komati Reddy Venkat Reddy) ने विशेष मुख्य सचिव विकास राज को स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निर्देशों के तहत विशेष मुख्य सचिव विकास राज ने सोमवार को परियोजना स्थल का दौरा किया और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। जीएचएमसी अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना भूमि के अंतर्गत चिन्हित 56 संरचनाओं को फरवरी माह के अंत तक हटाया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकेगा।
10 जनवरी 2026 तक संपूर्ण ड्राइंग शेड्यूल कर दिया जाएगा जमा
बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीएमई ) को हस्तांतरित भूमि के भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) से संबंधित मामला भी चर्चा में आया। इस संबंध में एमए एंड यूडी विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी होना अभी लंबित है। परियोजना परामर्शदाताओं ने आश्वासन दिया कि 10 जनवरी 2026 तक संपूर्ण ड्राइंग शेड्यूल जमा कर दिया जाएगा तथा निर्माण कार्य स्वीकृत समय-सीमा के अनुसार ही किया जाएगा। सिंचाई एवं कमांड एरिया विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत मौजूदा नाले के डिजाइन की समीक्षा की गई और आर एंड बी मुख्य अभियंता (भवन) को नाला कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए।

जीएचएमसी को दिए गए निर्देश
सड़क अवसंरचना के संबंध में प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज के डिजाइन को शीघ्र तैयार करने, अस्पताल प्रवेश मार्ग पर यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे मैनहोल को ठीक करने तथा आसपास की सड़कों के विकास कार्य जल्द शुरू करने के लिए जीएचएमसी को निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी लंबित कार्यों को समानांतर रूप से पूरा किया जाए, ताकि न्यू उस्मानिया अस्पताल परियोजना तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जा सके।
हैदराबाद का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल कौन सा है?
हैदराबाद का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल माना जाता है। यह अस्पताल तेलंगाना ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण भारत के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है। यहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोग। यह अस्पताल आपातकालीन सेवाओं, विशेषज्ञ उपचार और मेडिकल शिक्षा के लिए प्रसिद्ध है। उस्मानिया मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के कारण यह अस्पताल डॉक्टरों की ट्रेनिंग और शोध का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
उस्मानिया हॉस्पिटल में कितने बेड हैं?
हॉस्पिटल में लगभग 5,000 बेड की सुविधा उपलब्ध है। यह संख्या इसे राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल बनाती है। यहां सामान्य वार्ड, विशेष वार्ड, आईसीयू, ट्रॉमा केयर और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े बेड शामिल हैं। जरूरत के अनुसार बेड की संख्या में अस्थायी रूप से बदलाव भी किया जाता है। इतनी बड़ी क्षमता होने के कारण यह अस्पताल रोजाना हजारों मरीजों को इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है।
हॉस्पिटल में क्या-क्या सुविधाएं होती हैं?
एक बड़े सरकारी अस्पताल में कई तरह की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इनमें ओपीडी सेवाएं, आपातकालीन इलाज, सर्जरी, आईसीयू, जांच लैब, एक्स-रे, सीटी स्कैन और दवा वितरण शामिल होते हैं। इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, ब्लड बैंक और ट्रॉमा केयर जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल सेवाएं मिलकर मरीजों की देखभाल करती हैं।
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