Hyderabad : एमएलए के कैंप कार्यालय पर हमले की केटीआर और हरीश राव ने की निंदा

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हरीश राव
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हैदराबाद। बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं एवं विधायकों के.टी. रामाराव (KTR) और टी. हरीश राव (Harish Rao) ने गुरुवार को करीमनगर में बीआरएस विधायक गंगुला कमलाकर के कैंप कार्यालय तथा विधायक पड़ी कौशिक रेड्डी के वाहन पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की। केटीआर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के समर्थकों ने दिनदहाड़े विधायक के कैंप कार्यालय में घुसकर वाहनों और कार्यालय की संपत्ति में तोड़फोड़ की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

मुख्यमंत्री की बी टीम

केटीआर ने बंडी संजय को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की “बी-टीम” बताते हुए कहा कि बीआरएस नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब न होने के कारण इस तरह के हमले करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर रहते हुए कानून-व्यवस्था को कमजोर करने वाला व्यवहार करना लोकतंत्र का मजाक है। वहीं, हरीश राव ने भी इस घटना की निंदा करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री करते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार के हमले जारी रहे तो लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता को स्वयं सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?

जनगणना 2011 के अनुसार तेलंगाना में हिंदू समुदाय की आबादी लगभग 85 प्रतिशत है। राज्य में मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के लोग भी रहते हैं। हैदराबाद समेत कई शहरों में धार्मिक विविधता देखने को मिलती है। तेलंगाना में हिंदू संस्कृति, मंदिर और पारंपरिक त्योहारों का विशेष महत्व है। बोनालू, बथुकम्मा और दशहरा जैसे पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हिंदू आबादी अधिक पाई जाती है और कृषि आधारित जीवन शैली प्रमुख मानी जाती है।

तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?

दक्षिण भारत का यह राज्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के कारण “तेलुगु भूमि” के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन समय में इस क्षेत्र को त्रिलिंग प्रदेश कहा जाता था, जिससे आगे चलकर तेलंगाना नाम बना माना जाता है। यहां की भाषा, संस्कृति और परंपराएं तेलुगु सभ्यता से गहराई से जुड़ी हुई हैं। राज्य का गठन 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश से अलग होकर हुआ था। हैदराबाद इसकी राजधानी है और इसे आईटी हब के रूप में भी पहचान मिली हुई है।

तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?

यहां के पारंपरिक भोजन में चावल सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। हैदराबादी बिरयानी, सरवा पिंडी, साकिनालु और पच्ची पुलुसु जैसे व्यंजन काफी लोकप्रिय हैं। मसालेदार और स्वादिष्ट खाने की वजह से तेलंगाना की अलग पहचान बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में ज्वार और बाजरे से बने खाद्य पदार्थ भी खाए जाते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर पारंपरिक मिठाइयां और स्थानीय व्यंजन तैयार किए जाते हैं। तेलंगाना का खानपान दक्षिण भारतीय और दक्कनी संस्कृति का मिश्रण माना जाता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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