हैदराबाद। सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने डिंडी लिफ्ट (Dindi Lift) सिंचाई योजना के कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने योजना के ऑफटेक प्वाइंट के स्तर निर्धारण की प्रक्रिया तुरंत पूरी करने को कहा, ताकि परियोजना के कार्यों में तेजी लाई जा सके। गुरुवार को विधान परिषद अध्यक्ष गुथा सुखेंदर रेड्डी के साथ परियोजना की प्रगति पर विस्तृत चर्चा के बाद मंत्री ने सिंचाई सचिव ई. श्रीधर और ईएनसी (जनरल) रमेश बाबू को निर्देश दिए कि पालमूरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना के येदुला जलाशय (Reservoir) से डिंडी योजना की एप्रोच चैनल तक पानी लाने के लिए आवश्यक स्तर तत्काल तय किया जाए।
सिंचाई मंत्री ने डिंडी लिफ्ट सिंचाई योजना को जल्द पूरा करने के निर्देश
मंत्री ने पोथिरेड्डीपल्ली गांव में प्रस्तावित बैराज के कार्यों को भी शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 मई तक वित्तीय स्वीकृति प्राप्त कर कार्य आरंभ किया जाए। उत्तम कुमार रेड्डी ने एएमआरपी एसएलबीसी मुख्य नहर की जल वहन क्षमता 2,400 क्यूसेक से बढ़ाकर 4,000 क्यूसेक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग कार्य शुरू करने से पहले नहर का विस्तार प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। परियोजना पूर्ण होने के बाद इसकी क्षमता 6,000 क्यूसेक तक बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है।
443 करोड़ रुपये मंजूर
उन्होंने बताया कि सरकार ने एसएलबीसी हाई लेवल कैनाल की सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग के लिए 443 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मंत्री ने कहा कि डिंडी लिफ्ट सिंचाई योजना से सात विधानसभा क्षेत्रों के 228 फ्लोराइड प्रभावित गांवों को लाभ मिलेगा तथा 3.61 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के तहत चार ऑनलाइन और पांच ऑफलाइन जलाशय बनाए जाएंगे, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 25.31 टीएमसी होगी। परियोजना के हेडवर्क्स को चार पैकेजों में विभाजित किया गया है, जिसमें पोथिरेड्डीपल्ली बैराज और 16 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है।
95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका
उन्होंने बताया कि डिंडी बैलेंसिंग जलाशय का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, कुछ हिस्सों में डूब क्षेत्र, पुनर्वास और वन भूमि संबंधी समस्याओं के कारण कार्य लंबित है। यह समस्या नलगोंडा और नागरकुरनूल जिलों के तीन गांवों से जुड़ी हुई है। मंत्री ने कहा कि वन विभाग से प्रथम चरण की मंजूरी एक महीने के भीतर मिलने की संभावना है। उन्होंने अधिकारियों को डिंडी बैलेंसिंग जलाशय के गेट लगाने के लिए तुरंत टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। उत्तम कुमार रेड्डी ने पेंडलिपाका बैलेंसिंग जलाशय के संशोधित अनुमान की प्रगति की भी समीक्षा की और इसे उच्च स्तरीय समिति तथा अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
वर्तमान सिंचाई मंत्री कौन हैं?
भारत सरकार में जल शक्ति मंत्रालय सिंचाई और जल संसाधन से जुड़े कार्यों को संभालता है। वर्तमान समय में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल हैं। यह मंत्रालय देश में जल संरक्षण, सिंचाई परियोजनाओं और पेयजल योजनाओं पर काम करता है। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जल प्रबंधन और नदी संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले भी इसी मंत्रालय के अंतर्गत लिए जाते हैं।
भारत में सिंचाई मंत्री 2026 कौन है?
वर्ष 2026 में भारत के जल शक्ति मंत्रालय की जिम्मेदारी सी. आर. पाटिल के पास है। यह मंत्रालय नदियों, बांधों, जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित कार्य देखता है। सरकार किसानों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को कम करने और खेती को लाभकारी बनाने में इस मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री का क्या नाम है?
उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति विभाग की जिम्मेदारी स्वतंत्र देव सिंह के पास है। वे राज्य में सिंचाई, नहरों और जल संसाधनों से जुड़े कार्यों की निगरानी करते हैं। किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य में नहरों की सफाई, नई सिंचाई योजनाओं और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि उत्पादन बढ़ाने में सिंचाई विभाग की अहम भूमिका मानी जाती है।
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