न्याय पालिका के प्रति कांग्रेस के सम्मान पर उठाया सवाल
हैदराबाद । बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव केटीआर ने पलामुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना मामले में विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा की है। रामा राव ने इस टिप्पणी को “बेहद भयावह” बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर न्यायपालिका के प्रति अपनी उपेक्षा दिखाई है। उन्होंने कहा कि यह न केवल सर्वोच्च न्यायालय बल्कि भारत के संविधान का भी अपमान है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए न्यायिक फैसलों पर बार-बार संदेह जताने का आरोप लगाया और कांचा गाचीबोवली वन मुद्दे और पलामुरु-रंगारेड्डी परियोजना मामले का उदाहरण दिया।
केटीआर ने कांग्रेस नेता पर साधा निशाना
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए उनकी न्याय यात्राओं की ईमानदारी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी को यह तय करना चाहिए कि उनकी पार्टी अदालत के फ़ैसलों का सम्मान करना चाहती है या नहीं। जब उनके नेताओं में देश की न्यायिक व्यवस्था के प्रति ज़रा भी सम्मान नहीं है, तो वे संविधान की प्रति लेकर ‘न्याय यात्रा’ नहीं कर सकते।

यह दोहरा मापदंड खतरनाक है : केटीआर
महेश कुमार गौड़ पर निशाना साधते हुए रामा राव ने पूछा कि अगर नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पक्ष में कोर्ट का फैसला आता तो क्या कांग्रेस उसे चुनौती देती? उन्होंने कहा, ‘अगर कोर्ट उनके खिलाफ फैसला देता है तो वे रोते हैं। अगर कोर्ट उनके पक्ष में फैसला देता है तो वे जश्न मनाते हैं। यह दोहरा मापदंड खतरनाक है।’
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