हैदराबाद। तेलंगाना के सिंचाई और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने रविवार को श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग परियोजना और कलेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट (KLIP) के तहत मेडिगड्डा, अन्नारम और सुंडिल्ला बैराजों के पुनर्वास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने परियोजना में कोई देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने का स्पष्ट निर्देश दिया और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान देने के साथ मशीनरी की त्वरित तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में साझा किए गए विवरणानुसार, शेष एसएलबीसी सुरंग खंड के लिए एरियल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (एईएम ) सर्वे एनजीआरआई के सहयोग से पूरा किया गया और रिपोर्ट प्राप्त हुई।
खतरनाक भूवैज्ञानिक क्षेत्रों की पहचान में करेगा मदद
परिणाम उत्साहजनक हैं और यह सुरंग के लिए आवश्यक समर्थन प्रणाली और संभावित खतरनाक भूवैज्ञानिक क्षेत्रों की पहचान में मदद करेगा। मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष सुरंग कार्य उन्नत सुरंग तकनीकों और वैज्ञानिक विधियों के आधार पर किए जाएं, जिसमें निरंतर निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो। एसएलबीसी परियोजना के संचालन को मजबूत करने के लिए मंत्री ने विशेष एसएलबीसी डिवीजन बनाने और इसे चीफ इंजीनियर (एसएलबीसी ) के नेतृत्व में संचालित करने का आदेश दिया। इसके अलावा, स्वतंत्र सुपरविजन कंसल्टेंट (आईएससी ) को नियुक्त कर निर्माण के दौरान सुरक्षा, गुणवत्ता और डिजाइन अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बनाए जाएंगे दैनिक और साप्ताहिक रिपोर्टिंग टीम
परियोजना की प्रगति की निगरानी के लिए दैनिक और साप्ताहिक रिपोर्टिंग टीम बनाए जाएंगे, जबकि सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एसएलबीसी) के सुरंग सुरक्षा पर्यवेक्षक साइट पर तैनात होंगे। साथ ही विशेष भू-तकनीकी और भूवैज्ञानिक टीमें रोज़ाना ग्राउंड व्यवहार और सुरंग स्थिरता का मूल्यांकन करेंगी ताकि वास्तविक समय में निर्णय लिया जा सके और जोखिम कम किया जा सके। मंत्री ने कहा कि बैराज पुनर्वास कार्यों के लिए तकनीकी संस्थानों और डिजाइन कंसल्टेंट्स के बीच घनिष्ठ समन्वय आवश्यक है। मंत्री ने 16 फरवरी के बाद एनडीएसए विशेषज्ञ समिति के साथ बैठक आयोजित करने और संरचनात्मक, हाइड्रोलिक और सुधारात्मक पहलुओं को शामिल करते हुए व्यापक तकनीकी प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए।
भारत में सबसे लंबी शहरी सुरंग परियोजना कौन सी है?
आधिकारिक दावों के अनुसार हैदराबाद की खाजागुड़ा–नानकरामगुडा रोड टनल को भारत की सबसे लंबी शहरी सड़क सुरंगों में गिना जाता है। यह लगभग 1.3 किलोमीटर लंबी है और शहर के भीतर ट्रैफिक जाम कम करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
सोनमर्ग सुरंग का उद्घाटन किसने किया था?
सरकारी रूप से सोनमर्ग (जेड-मोड़) सुरंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह सुरंग जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर को लद्दाख से जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित है और सालभर यातायात को सुगम बनाने के लिए बनाई गई है।
भारत में सबसे लंबी सुरंग कहाँ है?
वर्तमान में भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग अटल टनल है, जो हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के नीचे स्थित है। इसकी लंबाई लगभग 9.02 किलोमीटर है और यह मनाली को लाहौल-स्पीति से जोड़ती है।
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