BRS : एसआईटी नोटिस को केसीआर ने बताया अवैध, जांच में सहयोग को तैयार

Read Time:  1 min
केसीआर
केसीआर
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (BRS) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने फोन टैपिंग मामले में विशेष जांच दल (SIT) द्वारा जारी दूसरे नोटिस को अवैध करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह नोटिस स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के खिलाफ है। जुबली हिल्स एसीपी को लिखे पत्र में केसीआर ने कहा कि नोटिस कानून के अनुसार तामील नहीं किया गया और पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। उन्होंने अपने आवास की दीवारों पर नोटिस चिपकाए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे अपनी गरिमा के खिलाफ बताया।

केसीआर ने जांच में सहयोग का दिया आश्वासन

कानूनी आपत्तियों के बावजूद, केसीआर ने जांच में सहयोग का आश्वासन दिया और रविवार को नंदी नगर स्थित अपने आवास पर एसआईटी के समक्ष उपस्थित होने पर सहमति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे के सभी नोटिस सिद्धिपेट जिले के एर्रावली स्थित उनके फार्महाउस पते पर भेजे जाएं, जिसे उन्होंने अपना वर्तमान निवास बताया। केसीआर ने यह भी कहा कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों से उनके निवास स्थान पर ही पूछताछ की जानी चाहिए और जुबली हिल्स एसीपी को उन्हें तलब करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह कार्रवाई अदालत की अवमानना के समान है। उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के वी.डी. मूर्ति फैसले का हवाला भी दिया।

बीआरएस का राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान

बीआरएस ने कांग्रेस सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए रविवार को राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों ई. मधुसूदनाचारी, तलसानी श्रीनिवास यादव, सबिता इंद्रा रेड्डी, पद्मा राव गौड़, प्रशांत रेड्डी, सत्यवती राठौड़ सहित अन्य नेताओं ने कहा कि फोन टैपिंग जांच के नाम पर झूठे मामले गढ़े जा रहे हैं। नेताओं ने एसआईटी नोटिस को अवैध और अमानवीय बताते हुए 12 हजार से अधिक गांवों में पुतला दहन, बाइक रैलियां, काला झंडा प्रदर्शन और रास्ता रोको कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की। पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने जिलों में रहकर आंदोलन को सफल बनाने तथा शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

केसीआर क्या होता है?

सामान्य रूप में केसीआर K. Chandrashekar Rao के नाम का संक्षिप्त रूप है। यह तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और राजनीतिक नेता के लिए इस्तेमाल होता है। कभी-कभी लोग इसे केवल नाम के रूप में या राजनीति में नेता के प्रतीक के तौर पर भी इस्तेमाल करते हैं।

केसीआर कौन सी कास्ट है?

केसीआर का जन्म राज्य विकास और राजनीति में तेलुगु समाज से हुआ था। उनका परिवार Reddy जाति से संबंध रखता है, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में प्रमुख समुदाय माना जाता है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।