निजी फर्म द्वारा किए जा रहे अवैध रेत खनन का विरोध
नारायणपेट। मगनूर में पेड्डावगु नदी (Peddavagu River) पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय युवाओं और किसानों ने कथित तौर पर एक निजी फर्म द्वारा किए जा रहे अवैध रेत खनन (Illegal sand mining) का विरोध किया। इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और अधिकारियों को गतिविधि रोकनी पड़ी। रिपोर्ट के अनुसार, नारायणपेट-कोडंगल लिफ्ट सिंचाई परियोजना के हिस्से के रूप में, राघव कंस्ट्रक्शन द्वारा मक्तल मंडल के कचुवार गांव में एक नहर पाइपलाइन निर्माण इकाई स्थापित की गई थी। शुक्रवार को, फर्म के कर्मचारी कथित तौर पर रेत को दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए टिपर ट्रकों के साथ पेड्डावगु धारा पर पहुंचे।
TSMDC ने धारा से रेत परिवहन का किया था काम
वाहनों की आवाजाही से सतर्क होकर स्थानीय किसान और युवा मौके पर पहुंचे और इस गतिविधि पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि फर्म बिना किसी आवश्यक अनुमति के रेत का परिवहन कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले, तेलंगाना राज्य खनिज विकास निगम (TSMDC) ने धारा से रेत परिवहन का काम किया था, जिससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था।
स्थानीय पुलिस और तहसीलदार नागलक्ष्मी पहुंचे मौके पर
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कंपनी केवल आधिकारिक तौर पर निर्दिष्ट स्थानों से ही रेत खरीदे, जिसकी अनुमति टीएसएमडीसी द्वारा दी गई हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी नदी से अवैध रेत परिवहन की सुविधा के लिए सड़क बना रही है। स्थिति के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय पुलिस और तहसीलदार नागलक्ष्मी मौके पर पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों और राजस्व अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें निवासियों ने अधिकारियों पर अवैध गतिविधि पर आंखें मूंद लेने का आरोप लगाया। अंततः ग्रामीणों के प्रतिरोध के बाद अधिकारियों को हस्तक्षेप कर रेत खनन रोकने पर मजबूर होना पड़ा।
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