हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने राज्य में किसानों की बढ़ती समस्याओं पर चिंता जताते हुए कांग्रेस सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं। मेदक जिले के रामायंपेट में मीडिया से बातचीत करते हुए राव ने कहा कि धान खरीद केंद्रों पर देरी हो रही है, जिससे अनाज के ढेर खुले में पड़े हैं और बारिश से नुकसान हो रहा है। उन्होंने परिवहन वाहनों की कमी और उठाव में धीमी गति को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। साथ ही मिलर्स, बिचौलियों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।
सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता ने मक्का किसानों की परेशानियों का भी उल्लेख करते हुए सरकार से एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने को उसकी “मूलभूत जिम्मेदारी” बताया इस दौरान उन्होंने 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेलंगाना दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि इस अवसर पर 7,823 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। इनमें जहीराबाद में एक औद्योगिक शहर और वारंगल में एक टेक्सटाइल पार्क शामिल है। राव ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कर्मचारियों के वेतन में देरी, लंबित पीआरसी बकाया और आरटीसी कर्मचारियों की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया।
“छह गारंटी” योजनाओं के क्रियान्वयन में स्पष्टता की कमी
उन्होंने कांग्रेस की “छह गारंटी” योजनाओं के क्रियान्वयन में स्पष्टता की कमी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों में भी देरी हो रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और चार सप्ताह के भीतर बकाया भुगतान के आदेश के बाद ही सरकार सक्रिय हुई, जो कांग्रेस प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
इस दक्षिण भारतीय राज्य में हिंदू धर्म मानने वाले लोग बहुसंख्यक हैं। उपलब्ध जनगणना और सामान्य अनुमानों के अनुसार यहां लगभग 85 प्रतिशत से 87 प्रतिशत तक आबादी हिंदू धर्म का पालन करती है। शहरी क्षेत्रों में मुस्लिम और ईसाई समुदाय की भी अच्छी उपस्थिति है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में हिंदू जनसंख्या अधिक दिखाई देती है। समय के साथ जनसंख्या अनुपात में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन बहुसंख्यक स्थिति बनी रहती है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
यहां का मुख्य भोजन चावल माना जाता है, जिसे दाल, सांभर, रसम और विभिन्न सब्जियों के साथ खाया जाता है। मसालेदार व्यंजन इस क्षेत्र की विशेष पहचान हैं। बिरयानी, खासकर हैदराबादी बिरयानी, बहुत प्रसिद्ध है। ज्वार और बाजरा से बने कुछ पारंपरिक भोजन भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोकप्रिय हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर कई पारंपरिक मिठाइयां और स्थानीय व्यंजन भी बनाए जाते हैं।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
इस क्षेत्र का कोई आधिकारिक दूसरा नाम नहीं है, लेकिन ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से इसे दक्कन क्षेत्र या दक्कन पठार का हिस्सा कहा जाता है। पुरानी सांस्कृतिक पहचान के कारण इसे दक्कन भूमि के रूप में भी जाना जाता है। यह नाम इसकी भौगोलिक स्थिति और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाता है। दक्षिण भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में इसका विशेष महत्व माना जाता है और इसकी अलग पहचान बनी हुई है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री किस जाति से हैं?
वर्तमान मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy हैं, जो रेड्डी समुदाय से आते हैं। यह समुदाय दक्षिण भारत, विशेषकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने लंबे समय से सक्रिय राजनीति में काम किया है और दिसंबर 2023 से मुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं। उनकी पहचान केवल जाति से नहीं, बल्कि प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक नेतृत्व से भी जुड़ी मानी जाती है।
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