डीजीपी ने ट्रैफिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की
हैदराबाद। आउटर रिंग रोड पर हाल ही में हो रही लगातार दुर्घटनाओं पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने चिंता व्यक्त करते हुए इनके नियंत्रण हेतु तत्काल कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में राज्य के पुलिस महानिदेशक सी. वी. आनंद (C. V. Anand) ने शनिवार को ट्रैफिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वाहनों की गति पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाए और सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। विशेष रूप से उन्होंने कहा कि शहर में वाहन चालकों और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इस बात का ध्यान रखते हुए ट्रैफिक पुलिस अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभाए।
शहर की ट्रैफिक स्थिति की विस्तृत समीक्षा
जीएचएमसी क्षेत्र के ट्रैफिक संयुक्त आयुक्तों और डीसीपी के साथ आयोजित इस बैठक में शहर की ट्रैफिक स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बढ़ती वाहनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर नई रणनीतियां अपनाने और आवश्यक स्थानों पर कड़े नियंत्रण उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने बताया कि सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार जल्द ही ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट एंड रोड सेफ्टी ब्यूरो’ की स्थापना करने जा रही है, जिस पर कार्य जारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह ब्यूरो शीघ्र ही कार्यरत होकर ट्रैफिक प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश
उन्होंने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि विशेष रूप से ड्रंक एंड ड्राइव जांच, हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर फील्ड स्तर पर जांच अभियान चलाने को कहा। समीक्षा बैठक में फ्यूचर सिटी ट्रैफिक संयुक्त आयुक्त चंदना दीप्ति सहित ट्रैफिक डीसीपी राहुल हेगड़े, काजल सिंह, राहुल रेड्डी, अविनाश कुमार, शेषाद्रि रेड्डी, श्रीनिवास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट क्या है?
राज्य की यातायात व्यवस्था और ई-चालान से संबंधित जानकारी पुलिस विभाग की आधिकारिक ऑनलाइन सेवाओं पर उपलब्ध होती है। यातायात नियम, चालान स्थिति, शिकायत और जनजागरूकता संबंधी सेवाएं इसी माध्यम से देखी जा सकती हैं। नागरिक यहां वाहन नियमों, सड़क सुरक्षा और जुर्माने की जानकारी भी प्राप्त करते हैं। विभिन्न जिलों की ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़ी सूचनाएं भी पुलिस पोर्टल पर समय-समय पर अपडेट की जाती रहती हैं।
ट्रैफिक पुलिस के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है?
इस सेवा में भर्ती के लिए सामान्यतः उम्मीदवार का कम से कम 12वीं पास होना आवश्यक माना जाता है, जबकि कुछ पदों के लिए स्नातक की योग्यता भी मांगी जा सकती है। भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन शामिल होते हैं। यातायात नियमों की समझ, अनुशासन और शारीरिक फिटनेस भी महत्वपूर्ण होती है। अलग-अलग पदों के अनुसार योग्यता में अंतर हो सकता है।
ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर की सैलरी कितनी होती है?
वेतन पद, राज्य और सेवा स्तर के अनुसार अलग-अलग होता है। शुरुआती स्तर पर मासिक वेतन लगभग 25 हजार से 40 हजार रुपये तक हो सकता है, जबकि अधिकारी स्तर पर यह 50 हजार रुपये या उससे अधिक भी पहुंच सकता है। इसके साथ महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं। अनुभव और पदोन्नति के साथ वेतन में लगातार वृद्धि होती रहती है।
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