SCR : वाराणसी-पटना के लिए विशेष ट्रेन नहीं, यात्री परेशान

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विशेष ट्रेन
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सीट के लिए स्टेशन पर रात में ही डेरा डाल रहे हैं यात्री

हैदराबाद। यूपी बिहार के लिए पर्याप्त संख्या में विशेष ट्रेन (Special Train) न चलने के कारण यात्री परेशान हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश सिक़ंदराबाद – दानापुर एक्सप्रेस जाने वाले रात में स्टेशन पर डेरा डाल दे रहे हैं। उनको ट्रेन में जनरल कोच में सीट न मिलने का भय बताया रहता है। जनरल डिब्बे में बैठने के लिए लंबी कतार लग रही है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था की दृष्टिकोण से यात्रियों को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी के अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। उनकों यात्रियों को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कभी -कभी हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ रहा है। गर्मी का मौसम आते ही यूपी बिहार जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। वाराणसी – पटना के लिए एकमात्र ट्रेन होने के कारण सीट मिलने की संभावना कम हो जाती है।

अधिक जनरल कोच वाली विशेष ट्रेन चलाने की मांग

कई सालों से नई ट्रेन चलाने की मांग की जा रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय , वाराणसी का चक्कर लगाने के बाद भी ट्रेन नहीं चल सकी। गर्मी में शादी- विवाह और फसलों की कटाई का मौसम है। इसके साथ ही छात्रों की छुट्टियां भी हो गई है। सिकंदराबाद से यूपी -बिहार के लिए केवल सीधी ट्रेन सिकंदराबाद -दानापुर एक्सप्रेस ( 12791) चल रही है। इसके अलावा यूपी की लखनऊ और बिहार दूसरे जगह जाने वाली कुछ ट्रेन है , लेकिन अधिकांश यात्री वाराणसी और पटना के लिए ही जाते है।

तेलंगाना में लाखों की संख्या में रहने वाले बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के लोग आवागमन के लिए इसी ट्रेन से यात्रा करते हैं। साथ ही वाराणसी , प्रयागराज, अयोध्या तीर्थ स्थल होने के कारण भारी संख्या में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक के लोग भी गर्मी और छुट्टियों के दिनों में इसी ट्रेन को अपनी सफर का जरिया बनाते हैं। गर्मी के दिनों में बिहार और यूपी के लोगों को घर जाने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

यात्रियों को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती

दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा समय-समय पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है। लेकिन भारी भीड़ के सामने ट्रेनें नाकाफी साबित होती है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को बहुत ही कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से नॉर्थ पीपुल्स एसोसिएशन, तेलंगाना , बिहार सहयोग समिति, तेलंगाना आदि संस्थाएं और संगठन नई ट्रेनों को चलवाने की मांग कर रहे हैं। टिकट न मिलने के कारण लोग बसों से यात्रा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। लंबी दूरी की बस में यात्रा के दौरान कई बार दुर्घटना हुई है और कुछ लोगों की जान भी चली गई है। नई ट्रेन का संचालन उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए नया जीवन मिलने के समान होगा। बिहार सहयोग समिति, तेलंगाना इस मामले को लेकर कई सालों से प्रयासरत है।

अधिकारियों ने ट्रेन चलाने का आश्वासन भी दिया था

कई बार केन्द्रीय मंत्रियों, यूपी, बिहार के नेताओं व रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने ट्रेन चलाने का आश्वसन भी दिया था। चुनावों के दौरान नई ट्रेन चलाने का सपना भी दिखाया जाता है। रेलवे सूत्रों की मानें इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। दक्षिण मध्य रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यूपी बिहार जाने वाली ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट पर नजर बनी हुई है। स्थिति के अनुसार विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

चेरलापल्ली स्टेशन से अमृत भारत ट्रेन का बिहार के लिए संचालन हो रहा है, और कुछ जगहों के लिए विशेष ट्रेन की घोषणा हुई है। बिहार सहयोग समिति तेलंगाना के अध्यक्ष बिनय कुमार यादव ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से यूपी और बिहार से सिकंदराबाद के लिए नई ट्रेन चलवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दक्षिण मध्य रेलवे को भी अधिक जनरल डिब्बों वाली विशेष ट्रेनों का संचालन करना चाहिए। गर्मी के दिनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

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बनारस से पटना के लिए कौन-कौन सी ट्रेनें हैं?

कई ट्रेनें रोज और साप्ताहिक चलती हैं। प्रमुख ट्रेनों में श्रमजीवी एक्सप्रेस (12392), जनशताब्दी एक्सप्रेस (15125), विभूति एक्सप्रेस (12334), अमृतसर–हावड़ा मेल (13006), बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस (15138) और सिकंदराबाद–दानापुर सुपरफास्ट (12791) शामिल हैं। इसके अलावा गुरुमुखी एक्सप्रेस, कामाख्या एक्सप्रेस और हमसफर जैसी साप्ताहिक ट्रेनें भी चलती हैं। कुल मिलाकर 30 से अधिक ट्रेनें इस रूट पर उपलब्ध हैं, जिससे यात्रा सुविधाजनक रहती है।

पटना से कुंभ स्पेशल ट्रेन कौन सी है?

कुंभ के समय भारतीय रेलवे द्वारा विशेष (स्पेशल) ट्रेनें चलाई जाती हैं, जिनका नाम और नंबर हर बार अलग हो सकता है। ये ट्रेनें आमतौर पर प्रयागराज (कुंभ स्थल) के लिए चलाई जाती हैं और भीड़ के अनुसार संख्या बढ़ाई जाती है। इसलिए किसी एक निश्चित ट्रेन का नाम नहीं होता। यात्रा से पहले IRCTC या रेलवे की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी होता है, क्योंकि हर कुंभ मेले में नई स्पेशल ट्रेनें घोषित की जाती हैं।

वाराणसी से पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस कब चलती है?

चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस (15125) रोजाना सुबह लगभग 6:30–6:40 बजे प्रस्थान करती है और करीब 11:15–11:20 बजे पटना पहुँचती है। यह ट्रेन लगभग 4 घंटे 30–45 मिनट में यात्रा पूरी करती है। यह इस रूट की सबसे लोकप्रिय और सस्ती ट्रेनों में से एक मानी जाती है, जिसमें सीटिंग व्यवस्था होती है और दिन में यात्रा के लिए उपयुक्त है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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