हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के मुख्यालय में मंगलवार को मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे ,राजेश पी.खाडे की अध्यक्षता में मुख्यालय राजभाषा कार्यान्वयन समिति (Official Language Implementation Committee) की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्यालय के सभी विभागों तथा इसके अंतर्गत आने वाले यूनिटों के राजभाषा संपर्क अधिकारी तथा विभागों में राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी कार्य करनेवालेकर्मचारी उपस्थित थे। मुख्य राजभाषा अधिकारी ने कहा कि संसदीय राजभाषा समिति द्वारा निकट भविष्य में महाप्रबंधक कार्यालय का निरीक्षण किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षणों को ध्यान में रखते हुए सभी अधिकारी/कर्मचारी काम करें।
सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को दी बधाई
इस वर्ष इस रेलवे के मुख्यालय को रेल मंत्री राजभाषा शील्ड का प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने पर उन्होंने सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को बधाई दी। बैठक के आरंभ में वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी/प्र.का. एम.के.नागराजु ने अध्यक्ष तथा सभी सदस्यों का स्वागत किया और बताया कि मुख्यालय के विभागों में राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी कार्य करनेवाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उनके कार्य की सराहना में पुरस्कृत किया जाएगा। डॉ.श्याम सुंदर साहु, उप महाप्रबंधक (राजभाषा) ने राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी विभिन्न मदों पर विस्तार से चर्चा की और सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने विभागों में राजभाषा मदों का अनुपालन सुनिश्चित करें। इस बैठक के दौरान मुख्यालय के विभिन्न विभागों में राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी कार्य करनेवाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

भारत की कुल कितनी राजभाषाएं हैं?
भारतीय संविधान के अनुसार देश की दो राजभाषाएँ मानी जाती हैं। संघ सरकार के कार्यों के लिए हिंदी (देवनागरी लिपि) को प्रमुख राजभाषा और अंग्रेज़ी को सहायक राजभाषा का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ सूचीबद्ध हैं, जिन्हें अनुसूचित भाषाएँ कहा जाता है। अक्सर लोग इन्हें राजभाषा समझ लेते हैं, जबकि आधिकारिक रूप से राजभाषा केवल हिंदी और अंग्रेज़ी हैं।
राजभाषा का क्या अर्थ है?
किसी देश या राज्य द्वारा प्रशासनिक, सरकारी और आधिकारिक कार्यों में उपयोग की जाने वाली भाषा को राजभाषा कहा जाता है। इसी भाषा में कानून, सरकारी आदेश, अधिसूचनाएँ और नीतिगत दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। राजभाषा का उद्देश्य शासन को सरल, एकरूप और प्रभावी बनाना होता है ताकि जनता और सरकार के बीच संवाद आसानी से हो सके। भारत जैसे बहुभाषी देश में राजभाषा प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने का माध्यम है।
राजभाषा कब लागू हुई?
भारतीय संविधान के लागू होने के साथ ही राजभाषा की व्यवस्था अस्तित्व में आई। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ, जिसमें हिंदी को संघ की राजभाषा घोषित किया गया। हालांकि अंग्रेज़ी को 15 वर्षों तक सहायक भाषा के रूप में जारी रखने का प्रावधान किया गया था। बाद में आधिकारिक भाषा अधिनियम, 1963 के तहत अंग्रेज़ी का प्रयोग अनिश्चितकाल तक जारी रखने की अनुमति दी गई, जिससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रही।
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