Meeting : निजी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की कीमतों को लेकर खफा हुए स्वास्थ्य मंत्री

Read Time:  1 min
स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री
FONT SIZE
GET APP

अंगदान प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्देश दिया

हैदराबाद। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा (Damodara Rajanarsimha) ने अधिकारियों को तेलंगाना में अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण उपचार के क्षेत्र में तेलंगाना को देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श बनाने हेतु एक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। मंत्री ने मंगलवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम की नीति के निर्माण तथा चिकित्सीय संस्थान अधिनियम के कार्यान्वयन पर निजी अस्पतालों के प्रबंधन के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

इस समीक्षा के दौरान निजी अस्पतालों के प्रबंधन के साथ अंग प्रत्यारोपण उपचारों पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तेलंगाना राज्य में अंगदान अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक व्यापक नीति के निर्माण पर निजी अस्पतालों (Private Hospitals) के प्रबंधन के साथ विचार-विमर्श किया। मंत्री ने निजी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण उपचार की कीमतों पर नाराज़गी व्यक्त की।

चार अस्पतालों को हाथ प्रत्यारोपण उपचार की अनुमति

उन्होंने निजी प्रबंधन को सलाह दी कि वे शुल्क को नियंत्रित करें ताकि सामान्य नागरिक भी अंग प्रत्यारोपण उपचार का खर्च वहन कर सके। दामोदर राजनरसिम्हा ने निजी अस्पतालों को होने वाली समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली और कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अंग प्रत्यारोपण उपचार के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में चार अस्पतालों को हाथ प्रत्यारोपण उपचार की अनुमति दी गई है।

मंत्री ने इस अवसर पर निजी अस्पतालों के प्रबंधन के साथ राज्य में चिकित्सीय संस्थान अधिनियम के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में इस अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। मंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों में चिकित्सा खर्च सामान्य नागरिक पर बोझ नहीं बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी निजी अस्पतालों में उपचार शुल्क को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई है।

स्वास्थ्य का शुद्ध शब्द क्या है?

हिंदी में “स्वास्थ्य” शब्द स्वयं ही शुद्ध और सही रूप माना जाता है। यह संस्कृत से आया हुआ शब्द है, जिसका अर्थ शरीर और मन की अच्छी स्थिति से होता है। जब किसी व्यक्ति का शरीर रोगों से मुक्त होता है, मन शांत रहता है और जीवन संतुलित होता है, तब उसे अच्छा स्वास्थ्य कहा जाता है। सही भोजन, नियमित व्यायाम और स्वच्छ जीवनशैली अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

स्वस्थ रहने के 4 नियम क्या हैं?

अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए कुछ सरल नियमों का पालन करना आवश्यक है। सबसे पहले संतुलित और पौष्टिक भोजन करना चाहिए। दूसरा, रोज़ाना व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। तीसरा, पर्याप्त नींद लेना जरूरी होता है ताकि शरीर को आराम मिल सके। चौथा, स्वच्छता और मानसिक शांति बनाए रखना भी जरूरी है। इन आदतों को अपनाने से शरीर मजबूत और रोगों से सुरक्षित रहता है।

स्वास्थ्य का क्या अर्थ है?

जीवन में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह ठीक रहने की स्थिति को स्वास्थ्य कहा जाता है। इसका मतलब केवल बीमारी का न होना ही नहीं, बल्कि शरीर और मन का संतुलित और सक्रिय होना भी है। अच्छा स्वास्थ्य व्यक्ति को काम करने की ऊर्जा देता है और जीवन को खुशहाल बनाता है। संतुलित आहार, व्यायाम, स्वच्छता और सकारात्मक सोच अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।