हैदराबाद। चेर्लापल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर विजयशांति रेड्डी (Vijayshanti Reddy) ने अपने साथ अपने बच्चों की भी जान ले ली थी। इस दुखद घटना की पुलिस जांच लगभग समाप्ति की ओर है और प्रारंभिक निष्कर्ष बताते हैं कि इस कदम के पीछे गंभीर मानसिक अवसाद का कारण था। पुलिस ने घटना के पीछे की प्रेरणाओं का पता लगाने के लिए कई पहलुओं की जांच की। जांच के अनुसार, विजयशांति लंबे समय से मानसिक (Mental) स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं, जिसकी पुष्टि उनके परिवार और सहकर्मियों ने भी की।
पुलिस ने अनुमान लगाया कि उन्होंने आत्महत्या का विकल्प अपनाया और उनके प्रभाव में रहे उनके बच्चे भी उनके साथ मर गए। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को होस्टल में रखना और पति से अलगाव जैसी परिस्थितियाँ उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। पुलिस इस संबंध में विजयशांति के मोबाइल कॉल लॉग का भी विश्लेषण कर रही है। घटना 31 जनवरी को हुई थी, जिसमें विजया (35), विशाल (17) और चैतन्य (18) की मृत्यु हुई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव उनके परिजनों को सौंपे गए और पति के दुबई से आने पर उनका अंतिम संस्कार बीबीनगर में किया गया। साक्ष्यों में विजयशांति की गाड़ी से एक आत्महत्या नोट भी मिला, जिससे जांच और तीव्र हो गई।
चेरलापल्ली किस लिए प्रसिद्ध है?
मुख्य रूप से चेरलापल्ली केंद्रीय कारागार (Cherlapalli Central Prison) और औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है। यह इलाका हैदराबाद के पूर्वी हिस्से में स्थित है और यहां कई फैक्ट्रियां, आवासीय कॉलोनियां और शैक्षणिक संस्थान भी हैं। हाल के वर्षों में रेलवे और सड़क कनेक्टिविटी बढ़ने से चेरलापल्ली का महत्व तेजी से बढ़ा है।
चारलापल्ली से सिकंदराबाद कितने किलोमीटर है?
दूरी के लिहाज से चेरलापल्ली से सिकंदराबाद की दूरी लगभग 14 से 16 किलोमीटर के बीच है। यह दूरी सड़क या रेल मार्ग के अनुसार थोड़ी बदल सकती है। लोकल ट्रेन, बस और निजी वाहनों के जरिए यह सफर आसानी से तय किया जा सकता है। ट्रैफिक कम होने पर यात्रा में करीब 30 से 40 मिनट लगते हैं।
चेरलापल्ली रेलवे स्टेशन क्यों?
रणनीतिक रूप से चेरलापल्ली रेलवे स्टेशन को हैदराबाद के वैकल्पिक टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य सिकंदराबाद और काचीगुड़ा स्टेशनों पर बढ़ते दबाव को कम करना है। यहां से लंबी दूरी की कई ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और शहर में यातायात संतुलन बनाने में मदद मिलती है।
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