Crime : महिला उत्पीड़न के दो मामलों में दोषियों को सजा और जुर्माना

Read Time:  1 min
सजा और जुर्माना
सजा और जुर्माना
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। हैदराबाद शी टीम ने महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दो उत्पीड़न मामलों में आरोपियों को सजा और जुर्माना दिलाने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई वी.सी. सज्जनार (V.C. Sajjanar) के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार शी टीम को व्हाट्सएप, प्रत्यक्ष शिकायतों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। पहले मामले में आरोपी महिला (Accused woman) को अलग-अलग नंबरों से बार-बार फोन कर मानसिक रूप से परेशान कर रहा था और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपी की पहचान ओमर बिन अहमद दायनी के रूप में हुई।

ब्लैकमेल और अश्लील संदेश भेजने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 292 तथा हैदराबाद सिटी पुलिस अधिनियम की धारा 70(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया। अदालत ने आरोपी को दो दिन के साधारण कारावास और 1,050 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दूसरे मामले में आरोपी चीतरांबिल वैसाख ने एक महिला के साथ संबंध समाप्त होने के बाद उसकी निजी तस्वीरों के आधार पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मामले में आरोपी पर धारा 292 बीएनएस और हैदराबाद सिटी पुलिस एक्ट की धारा 70(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया। अदालत ने आरोपी पर 3,350 रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों आरोपियों को XI स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने यह फैसला सुनाया।

किसी भी घटना की तुरंत शिकायत करने की अपील

हैदराबाद शी टीम ने महिलाओं और युवतियों से ऑनलाइन उत्पीड़न, पीछा करने, ब्लैकमेलिंग या अश्लील संदेशों से संबंधित किसी भी घटना की तुरंत शिकायत करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के उत्पीड़न में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शी टीम ने लोगों को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सतर्क रहने, निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने, मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही कहा गया है कि पीड़ित चुप न रहें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि अपराधियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके।

महिला उत्पीड़न में कौन-कौन सी धारा लगती है?

कानूनी मामलों में अपराध की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग धाराएं लगाई जाती हैं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, धमकी और शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों में भारतीय न्याय संहिता और अन्य कानूनों की संबंधित धाराएं लागू हो सकती हैं। पुलिस शिकायत और जांच के आधार पर उचित कानूनी प्रावधान तय किए जाते हैं। हर मामले की परिस्थितियों के अनुसार धाराएं अलग हो सकती हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई विशेष कानून भी बनाए गए हैं।

महिला उत्पीड़न के लिए शिकायत कैसे करें?

पीड़ित महिला पुलिस स्टेशन, महिला हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती है। घटना से संबंधित जानकारी, सबूत और संबंधित व्यक्ति का विवरण देना उपयोगी माना जाता है। कई राज्यों में महिला थाना और विशेष सहायता केंद्र भी संचालित किए जाते हैं। आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों की सहायता ली जा सकती है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच शुरू करती है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।

महिला उत्पीड़न से क्या तात्पर्य है?

किसी महिला के साथ शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक या सामाजिक रूप से किया गया गलत व्यवहार उत्पीड़न माना जाता है। इसमें धमकी देना, हिंसा करना, अपमानित करना, जबरदस्ती या लगातार परेशान करना शामिल हो सकता है। कार्यस्थल, घर या सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली ऐसी घटनाएं कानूनन अपराध मानी जाती हैं। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखने के लिए विभिन्न कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराए गए हैं। समाज में जागरूकता और सख्त कानूनों के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाता है।

महिला उत्पीड़न में कितने साल की सजा होती है?

सजा की अवधि अपराध की गंभीरता और लागू धाराओं पर निर्भर करती है। कुछ मामलों में जुर्माना, कुछ में कई वर्षों की कैद और गंभीर अपराधों में अधिक कठोर सजा दी जा सकती है। घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़ या शारीरिक हिंसा जैसे मामलों में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देती है। कानून महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग अपराधों के लिए अलग दंड निर्धारित करता है। न्यायालय मामले की परिस्थितियों के अनुसार अंतिम सजा तय करता है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।