‘यह तीसरी बार है जब मुझे बुलाया गया है : केटीआर
हैदराबाद । विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने के लिए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव (केटीआर) ने कहा कि हैदराबाद की ब्रांड छवि सुधारने के अपने प्रयासों के लिए वह एक बार नहीं, बल्कि 100 बार जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने फॉर्मूला-ई रेस मामले को स्थानीय निकाय चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी द्वारा अपनाई गई ध्यान भटकाने की रणनीति बताया , क्योंकि वे चुनावी वादे पूरे करने में असमर्थ रहे। उन्होंने कहा, ‘यह तीसरी बार है जब मुझे बुलाया गया है और मैं 30वीं बार भी आने के लिए तैयार हूं। हमें न्यायपालिका और देश के कानून पर पूरा भरोसा है।’
अधूरे वादों वाली सरकार चला रहे हैं रेवंत रेड्डी
सोमवार को एसीबी कार्यालय जाने से पहले तेलंगाना भवन में पत्रकारों से बात करते हुए रामा राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार जांच की आड़ में बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, पूर्व मंत्री टी हरीश राव और खुद को निशाना बनाकर परपीड़क सुख प्राप्त करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उन्होंने पीछे न हटने की कसम खाई, भले ही इसका मतलब फिर से जेल जाना हो। उन्होंने कहा, ‘तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान मुझे जेल जाना पड़ा था और फॉर्मूला-ई के माध्यम से हैदराबाद को वैश्विक ब्रांड बनाने के लिए मैं दोबारा जेल जाने में संकोच नहीं करूंगा। ‘ बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी अधूरे वादों वाली सरकार चला रहे हैं, जिसमें छह गारंटियां पूरी नहीं करना और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पिछड़ा वर्ग आरक्षण को अंतिम रूप देने में देरी शामिल है।

केटीआर: रेवंत एक या दो नेताओं को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन…
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस बीसी आरक्षण को अंतिम रूप दिए बिना स्थानीय निकाय चुनाव कराने की योजना बना रही है। अगर ऐसा होता है, तो यह बीसी के साथ घोर अन्याय होगा जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस केवल चुनाव नजदीक आने पर ही रायतु भरोसा सहायता वितरित कर रही है। रामा राव ने सरकार पर बीआरएस नेताओं को निशाना बनाकर ध्यान भटकाने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया, लेकिन चेतावनी दी कि उन्हें सरकार की विफलताओं को उठाने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा, ‘रेवंत एक या दो नेताओं को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन वह लाखों बीआरएस कार्यकर्ताओं को चुप नहीं करा सकते जो लड़ने के लिए तैयार हैं।’ मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए रामा राव ने उन्हें कैश-फॉर-वोट घोटाले में पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की चुनौती दी और कहा कि वह स्वयं फॉर्मूला-ई मामले में इसके लिए तैयार हैं।
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