News Hindi : मनरेगा की जगह नया कानून ‘ऐतिहासिक भूल’- नुथी श्रीकांत गौड़

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गौड़
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हैदराबाद। बीसी फाइनेंस कॉर्पोरेशन के चेयरमैन नुथी श्रीकांत गौड़ (Nuthi Srikanth Goud) ने मंगलवार को भाजपा-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर नेहरू-गांधी विरासत (Heritage) को मिटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर नया कानून लाने को निशाने पर लिया। ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन–ग्रामीण (बीवी- जी राम जी) विधेयक, 2025’ के पारित होने पर प्रतिक्रिया देते हुए गौड़ ने इसे “ऐतिहासिक भूल” करार दिया और कहा कि यह अधिकार-आधारित कल्याण ढांचे को कमजोर करने का प्रयास है।

सरकार-नियंत्रित आपूर्ति-आधारित मॉडल हो गया है लागू

उन्होंने आशंका जताई कि नए प्रावधानों में मनरेगा के तहत मांग-आधारित ‘काम का अधिकार’ समाप्त होकर सरकार-नियंत्रित आपूर्ति-आधारित मॉडल लागू हो गया है। हालांकि रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया गया है, लेकिन मजदूरों के लिए काम की कानूनी मांग का अधिकार कमजोर पड़ा है, उन्होंने कहा। केंद्र–राज्य वित्तीय हिस्सेदारी को 60:40 करने पर भी गौड़ ने आपत्ति जताई और इसे राज्यों पर बोझ डालने वाला “अनुदान-विहीन दायित्व” बताया। साथ ही, डिजिटल निगरानी और मौसमी विराम से भूमिहीन ग्रामीण मजदूरों पर प्रतिकूल असर पड़ने की चेतावनी दी।

महात्मा गांधी का नाम अनुचित

कांग्रेस काल की योजनाओं के नाम बदलने के उदाहरण गिनाते हुए—राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में बदलाव, इंदिरा आवास योजना का प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और जेएनएनयूआरएम का अमृत मिशन—उन्होंने कहा कि यह सुधार नहीं, बल्कि राजनीतिक पुनर्ब्रांडिंग का पैटर्न है। गौड़ ने कहा, “ग्रामीण रोजगार योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना प्रतीकात्मक और राजनीतिक रूप से अनुचित है,” और चेताया कि यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।

मनरेगा का नया नियम क्या है?

हाल के वर्षों में मनरेगा में पारदर्शिता और समय पर भुगतान पर जोर दिया गया है। आधार आधारित भुगतान, एनएमएमएस ऐप से उपस्थिति, समयबद्ध मजदूरी भुगतान और कार्यों की जियो-टैगिंग जैसे नियम लागू किए गए हैं, ताकि फर्जीवाड़ा रुके और लाभ सीधे मजदूरों तक पहुँचे।

मनरेगा में 1 दिन की मजदूरी कितनी है 2025 में?

मजदूरी दर राज्य के अनुसार तय होती है। 2025 में मनरेगा की दैनिक मजदूरी लगभग ₹230 से ₹400 के बीच है। केंद्र सरकार हर वर्ष राज्यों के लिए अलग-अलग मजदूरी दर अधिसूचित करती है।

मनरेगा योजना कैसे चेक करें?

आधिकारिक मनरेगा पोर्टल पर जाकर जॉब कार्ड नंबर, पंजीकरण संख्या या पंचायत विवरण डालकर जानकारी देखी जा सकती है। इसके अलावा ग्राम पंचायत कार्यालय, रोजगार सेवक या कॉमन सर्विस सेंटर से भी योजना और भुगतान की स्थिति जांची जा सकती है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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