हैदराबाद। पूर्व राज्य मंत्री वी. श्रीनिवास गौड़ (V. Srinivas Goud), कर्नाटक राज्य परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी, शिक्षा मंत्री मधु बांगारप्पा और सांसद श्रीनिवास पूजारी ने रविवार को बेंगलुरु में एक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “कर्नाटक महिला नारी शक्ति राज्य स्तरीय सम्मेलन (Karnataka Women’s Nari Shakti State Level Conference) ” में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री वी. श्रीनिवास गौड़ ने कहा कि भले ही भारत को स्वतंत्रता मिले लगभग 80 साल हो गए हैं, महिलाएं आज भी रोज़ अपमान, बलात्कार और हमलों का सामना करती हैं। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि महिलाओं के लिए बने कानून होने के बावजूद उनका सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
दो महीने के भीतर सुनिश्चित किया जाए न्याय
उन्होंने मांग की कि महिलाओं के खिलाफ अनियोजित घटनाओं, बलात्कार, दहेज उत्पीड़न और अन्य ऐसे मामलों के लिए त्वरित न्यायालय स्थापित किए जाएँ और दो महीने के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाए, साथ ही कड़े दंड दिए जाएँ। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं कुल जनसंख्या का 50 प्रतिशत हैं, तो उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन उन्होंने अफसोस जताया कि विधानसभाओं में केवल 33 प्रतिशत आरक्षण ही लागू किया गया है। उन्होंने इसे तुरंत लागू करने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आवश्यक कानून बनाने और लागू करने की मांग की, ताकि महिलाओं को वास्तविक स्वतंत्रता मिल सके।
सभी राज्यों में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएँ
उन्होंने आशा व्यक्त की कि देश के सभी राज्यों में ऐसे महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएँ ताकि महिलाओं में जागरूकता फैलाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सम्मेलन महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और समान अधिकारों पर चर्चा करने का मंच प्रदान करते हैं और महिलाओं की शक्ति को मजबूत करने में योगदान देते हैं। इस कार्यक्रम में कर्नाटक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. नागालक्ष्मी, महिला अध्यक्ष अमीता और अन्य उपस्थित रही।
नारी शक्ति क्या है?
नारी शक्ति का अर्थ महिलाओं की वह क्षमता, आत्मविश्वास और सामर्थ्य है, जिसके माध्यम से वे परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नेतृत्व और निर्णय-निर्माण की शक्ति शामिल होती है। नारी शक्ति केवल शारीरिक बल नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, सहनशीलता और सृजनशीलता का प्रतीक है। जब महिलाओं को समान अधिकार, अवसर और सम्मान मिलता है, तब समाज अधिक संतुलित और प्रगतिशील बनता है। इतिहास और वर्तमान दोनों में महिलाओं ने अपनी शक्ति से सामाजिक बदलाव और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री नारी शक्ति योजना क्या है?
प्रधानमंत्री नारी शक्ति योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाई जाने वाली एक पहल है, जिसका मकसद महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार, वित्तीय सहायता और जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर दिया जाता है। सरकार का प्रयास है कि महिलाएं निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में भाग लें और समाज में समान स्थान प्राप्त करें। यह योजना महिला सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।
नारी शक्ति योजना क्या है?
नारी शक्ति योजना महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए बनाई गई एक कल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जाता है। इससे महिलाएं अपनी पहचान बना सकें और सामाजिक-आर्थिक रूप से मजबूत हों। यह पहल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में लैंगिक समानता स्थापित करने में सहायक मानी जाती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :