Food security : जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा स्थायी समिति की बैठक आयोजित

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खाद्य सुरक्षा
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फूड पॉइजनिंग को रोकने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश

हैदराबाद। रंगारेड्डी जिला अतिरिक्त कलेक्टर के. चंद्रारेड्डी (K. Chandrareddy) की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। अतिरिक्त कलेक्टर (Additional Collector) ने जिले के रेजिडेंशियल विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया और फूड पॉइजनिंग की किसी भी घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण किए जाएं और मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश

साथ ही, विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। किसानों के संदर्भ में, अतिरिक्त कलेक्टर ने कीटनाशक रहित फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक मार्गदर्शन देने को कहा। इसके अलावा, आंगनवाड़ी केंद्रों में आपूर्ति किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (डीएमएचओ), जिला कृषि अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, सिविल सप्लाई अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

राशन कार्ड पर क्या ₹1000 मिलेंगे?

राष्ट्रीय स्तर पर सभी राशन कार्ड धारकों को ₹1000 देने की कोई एक समान योजना लागू नहीं है। हालांकि कुछ राज्य सरकारें समय-समय पर अपने स्तर पर आर्थिक सहायता योजनाएं चलाती हैं, जिनके तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को ₹500, ₹1000 या अन्य राशि दी जाती है। यह लाभ केवल उन्हीं राज्यों में मिलता है जहां सरकार ने ऐसी योजना घोषित की हो। इसलिए ₹1000 मिलने की जानकारी राज्य, योजना और पात्रता पर निर्भर करती है, न कि पूरे देश में लागू किसी एक नियम पर।

भारत में खाद्य सुरक्षा कब शुरू हुई थी?

भारत में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम वर्ष 2013 में लागू किया गया था। इस कानून का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इसके तहत पात्र परिवारों को गेहूं, चावल और मोटा अनाज तय मात्रा में दिया जाता है। इस अधिनियम ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कानूनी अधिकार का रूप दिया, जिससे खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया गया और कुपोषण व भुखमरी से निपटने में मदद मिली।

राशन कार्ड में गेहूं कैसे चेक करें?

राशन कार्ड में मिलने वाले गेहूं की जानकारी कई तरीकों से देखी जा सकती है। उचित मूल्य दुकान पर मिलने वाली पर्ची या रसीद में गेहूं की मात्रा दर्ज होती है। इसके अलावा ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद स्क्रीन या रसीद में अनाज का विवरण दिखता है। कुछ राज्यों में मोबाइल संदेश या राज्य के खाद्य विभाग के पोर्टल पर लॉगिन करके भी यह जानकारी उपलब्ध होती है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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