Khammam : सफाई कर्मचारियों ने सरकार से बकाया भुगतान करने का किया आग्रह

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सफाई कर्मचारियों
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सफाई कर्मचारियों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना

खम्मम। खम्मम के सरकारी जनरल अस्पताल में अनुबंध पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनकी अनुबंध एजेंसी नियमित रूप से उनके वेतन का भुगतान करने में विफल रही है। सफाई विभाग में कार्यरत 259 कर्मचारी, जिनमें मरीज़ों की देखभाल करने वाले, सुरक्षा गार्ड, उद्यान कर्मचारी और सफाई कर्मचारी शामिल हैं, पिछले तीन महीनों से अपने वेतन का इंतज़ार कर रहे हैं। नियमित वेतन भुगतान की मांग को लेकर उन्होंने कई बार विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ।

सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन से मरीज होते हैं प्रभावित

पिछले दो सालों से यही स्थिति बनी हुई है। जब भी कर्मचारी अपने बकाये की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो करीब 2,000 मरीज और उनके तीमारदार परेशान होते हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन संविदा सफाई कर्मचारियों के प्रति उदासीन बना हुआ है। ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया (टीयूसीआई) के जिला सचिव जी रामैया ने शिकायत की कि राज्य द्वारा संचालित अस्पताल की हालत खराब है और तीनों मंत्री भट्टी विक्रमार्क, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और तुम्मला नागेश्वर राव इस मुद्दे को हल करने में विफल रहे हैं।

वादा करने के बाद भी सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन

इससे पहले जब 6 और 7 मई को कर्मचारियों ने धरना दिया था, तब स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा, जिला मंत्री विक्रमार्क और नागेश्वर राव, विधायकों, एमएलसी और कलेक्टर ने वादा किया था कि वे 16 मई को कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर देंगे। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली थी। अपने वादे के करीब एक महीने बाद भी मज़दूरों को अभी तक उनका वेतन नहीं मिला है। रामैया ने दुख जताते हुए कहा कि जब प्रदर्शनकारी मज़दूर अपने काम से दूर हो गए, तो ठेका एजेंसी ने उन्हें उनकी सेवाएँ समाप्त करने की चेतावनी दी, लेकिन उनकी समस्याओं को हल करने का कोई प्रयास नहीं किया।

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वेतन को लेकर प्रदर्शन, बंद कर दिया काम

उन्होंने कहा कि जब अस्पताल के सफाई कर्मचारियों ने वेतन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और काम करना बंद कर दिया तो नगर निगम के कर्मचारियों को अस्पताल में बुलाकर उनसे काम करवाया गया। लेकिन 20 से 30 साल से काम कर रहे कर्मचारियों की कोई परवाह नहीं की जा रही है। रामैया ने बताया कि बार-बार अनुरोध और विरोध के बाद, चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) डॉ. ए नरेंद्र कुमार ने दो महीने का वेतन एक-दो दिन में देने का आश्वासन दिया और एक महीने बाद एक और महीने का वेतन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने डीएमई से वेतन न मिलने की समस्या का स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया।

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लेखक परिचय

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