हैदराबाद । अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके हैदराबाद महानगर में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार (State Government) ने एक नई पहल की शुरुआत की है। शहर की महिलाओं को त्वरित और प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से हैदराबाद सिटी पुलिस द्वारा तैयार किया गया “स्पंदन – ऑल वुमन फर्स्ट रिस्पॉन्डर सिस्टम” सोमवार को औपचारिक रूप से शुरू किया गया। बंजारा हिल्स स्थित टीजी आईसीसीसी परिसर में मुख्यमंत्री (CM) ए. रेवंत रेड्डी ने स्पंदन टीमों को हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्पंदन का पोस्टर भी जारी किया।
आवश्यकता पड़ने पर घायल को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया जाएगा
यह प्रणाली इस विचार पर आधारित है कि संकट में फंसी महिलाएं अपनी समस्या महिला पुलिसकर्मियों के सामने अधिक सहजता और निर्भयता से रख सकती हैं। डायल-100 और 112 सेवाओं को और मजबूत बनाते हुए तैयार की गई ये स्पंदन टीमें पीड़ितों को तत्काल सहायता के साथ मानसिक संबल भी प्रदान करेंगी। महिला या बाल सुरक्षा से संबंधित कोई भी आपात कॉल मिलने पर कंट्रोल रूम से संबंधित जोन की स्पंदन टीम को तुरंत सूचना भेजी जाएगी। टीम कुछ ही मिनटों में विशेष वाहन से मौके पर पहुंचेगी और स्थिति का आकलन कर पीड़ित को सुरक्षित करेगी। आवश्यकता पड़ने पर घायल को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया जाएगा।

घटना स्थल पर आरोपी मौजूद होने पर उसे तुरंत हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंपा जाएगा। साथ ही पीड़ितों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा और जरूरत के अनुसार ‘भरोसा’ व ‘सखी’ केंद्रों के साथ समन्वय किया जाएगा। आपातकालीन कॉल न होने पर ये टीमें भीड़भाड़ वाले इलाकों और शिक्षण संस्थानों में महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएंगी।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए कुल 14 स्पंदन टीमों का गठन
हैदराबाद पुलिस आयुक्तालय के सात जोनों में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए कुल 14 स्पंदन टीमों का गठन किया गया है, जिनमें प्रत्येक दो डिवीजन पर एक टीम तैनात रहेगी। इन टीमों की खास बात यह है कि ड्राइवर सहित सभी सदस्य महिलाएं हैं। प्रत्येक टीम में एक महिला पुलिस ड्राइवर, एक सिविल महिला कांस्टेबल और एक एआर महिला कांस्टेबल शामिल हैं। ये टीमें दो शिफ्टों में कार्य करेंगी, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक। सभी टीमें महिला एवं बाल सुरक्षा विंग की डीसीपी के पर्यवेक्षण में काम करेंगी। इस परियोजना के तहत 56 महिला कर्मियों को कानूनी प्रावधानों, संचार कौशल, आत्मरक्षा, प्राथमिक उपचार और सीपीआर का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही 28 महिला कर्मियों को विशेष ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर लाइसेंस भी जारी किए गए हैं।
आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं टीमों को
प्रत्येक टीम को दिए गए विशेष पेट्रोलिंग वाहनों में रिफ्लेक्टिव जैकेट, ड्रैगन लाइट, आपात चिकित्सा किट, वीएचएफ वायरलेस सेट, टैबलेट और डिजिटल कैमरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस अवसर पर राज्य की मंत्री दनसरी अनसूया सीतक्का, राज्यसभा सदस्य वें नरेंद्र रेड्डी, अनिल कुमार यादव, डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी, पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एम. श्रीनिवास, तफसीर इकबाल, ज्वाइंट सीपी डी. जोएल डेविस, एन. श्वेता, महिला सुरक्षा विंग की डीसीपी डॉ. लावण्या समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। हैदराबाद सिटी पुलिस ने कहा कि ‘स्पंदन’ प्रणाली के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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