हैदराबाद। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस (Congress) पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और डॉ. अंबेडकर के आदर्शों के खिलाफ काम कर रही है। रविवार को शहर के सोमजीगुडा स्थित जया गार्डन में आयोजित अंबेडकर जयंती के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए उन्होंने यह बात कही। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी देखा। सभा को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को रोककर कांग्रेस ने करोड़ों महिलाओं और दलितों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस (Congress) लंबे समय से महिलाओं, दलितों और आदिवासी समुदाय को विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व से वंचित करती रही है।
बीआरएस ने भी नहीं निभाई अपनी जिम्मेदारी
उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर बीआरएस ने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और जनता को गुमराह किया। रेड्डी के अनुसार, यदि संवैधानिक संशोधन सही तरीके से लागू होते, तो अनुसूचित जाति की सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता था। किशन रेड्डी ने राहुल गांधी, रेवंत रेड्डी और स्टालिन पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि दक्षिण भारत में परिसीमन को लेकर फैलाए जा रहे दावे गलत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य सभी राज्यों में समान रूप से सीटों की संख्या बढ़ाना है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछड़े वर्गों की जनगणना का श्रेय पहली बार वर्तमान सरकार को जाता है।
भाजपा केवल वादे नहीं करती
रेड्डी ने कहा कि भाजपा केवल वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही तेलंगाना का दौरा करेंगे, जहां 7,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, सड़कों का विस्तार और जहीराबाद औद्योगिक कॉरिडोर की आधारशिला शामिल है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
हिंदू आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा है। जनगणना के अनुसार लगभग 85 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हिंदू समुदाय व्यापक रूप से निवास करता है। राज्य के प्रमुख त्योहार जैसे बोनालु, बथुकम्मा, दशहरा और दीपावली बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर हिंदू परंपराओं का गहरा प्रभाव देखा जाता है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
मुख्य भोजन चावल आधारित माना जाता है, जिसे दाल, सब्जी और मसालेदार करी के साथ खाया जाता है। यहां ज्वार और बाजरा भी काफी लोकप्रिय हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। हैदराबादी बिरयानी, सरवा पिंडी, सकिनालु और पच्ची पुलुसु जैसे व्यंजन बहुत प्रसिद्ध हैं। तीखा और मसालेदार स्वाद यहां के भोजन की खास पहचान है। स्थानीय खानपान में पारंपरिक और आधुनिक स्वाद का सुंदर मेल मिलता है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से “त्रिलिंग देश” या “तेलंग देश” भी कहा जाता है। माना जाता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिवलिंग स्थलों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा है। समय के साथ यही नाम बदलकर तेलंगाना बना। कुछ लोग इसे दक्कन क्षेत्र का महत्वपूर्ण भाग भी मानते हैं। इसकी समृद्ध संस्कृति, भाषा और इतिहास ने इसे भारत के विशिष्ट राज्यों में विशेष पहचान दी है।
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