Medak : आंगनवाड़ी केंद्र में स्लैब गिरने से 12 बच्चे बाल-बाल बचे

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आंगनवाड़ी
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किसी को चोट नहीं आई

मेदक। कौडीपल्ली मंडल के कुकटलापल्ली (Kukatlapalli) गांव में शुक्रवार को आंगनवाड़ी कक्षा (classroom) की छत का स्लैब उनसे कुछ इंच की दूरी पर गिर जाने से 12 बच्चे बाल-बाल बच गए। बच्चे अभी कक्षा में दाखिल ही हुए थे कि अचानक स्लैब ढह गया। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई। शिक्षकों ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण स्लैब ढह गया, जिससे शायद संरचना कमज़ोर हो गई थी

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भारत में आंगनवाड़ी कब शुरू हुई थी?

आंगनवाड़ी की शुरुआत 2 अक्टूबर 1975 को “समेकित बाल विकास सेवा योजना (ICDS)” के अंतर्गत की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से संबंधित सेवाएं देना था।

आंगनबाड़ी का पूरा नाम क्या है?

इसका पूरा नाम है “आंगनबाड़ी केंद्र” जो हिंदी शब्द “आंगन” (घर का आंतरिक हिस्सा) और “बाड़ी” (बच्चों की देखभाल) से मिलकर बना है। इसे अंग्रेज़ी में “Courtyard Shelter” कहा जाता है और यह ICDS योजना के अंतर्गत कार्य करता है।

भारत में कुल कितने आंगनवाड़ी हैं?

2024 तक भारत में लगभग 13.9 लाख आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत हैं। ये केंद्र राज्यों के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित किए जाते हैं और बच्चों के समग्र विकास में सहायक होते हैं।

आंगनवाड़ी में सबसे बड़ी पोस्ट कौन सी है?

इस प्रणाली में सबसे बड़ी पोस्ट “सीडीपीओ” (Child Development Project Officer) की होती है। यह पद एक परियोजना के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन और निगरानी करता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइज़रों को निर्देशित करता है।

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